सीजी भास्कर 25 अगस्त। शादीशुदा और दो बच्चों की मां अर्चना 14 अगस्त को दोस्तों के साथ चिक्कबल्लापुर के ईशा फाउंडेशन जाने निकली थीं, लेकिन घर वापस नहीं लौटीं।
आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले की रहने वाली अर्चना की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
शादीशुदा और दो बच्चों की मां अर्चना 14 अगस्त को दोस्तों के साथ चिक्कबल्लापुर के ईशा फाउंडेशन जाने निकली थीं, लेकिन घर वापस नहीं लौटीं।
तीन दिन बाद 17 अगस्त को उनका शव गौरीबिदनूर इलाके के नामगोंडलू गांव के पास मिला।
पुलिस जांच में सामने आया कि बेंगलुरु का ऑटो चालक राकेश और उसकी प्रेमिका अंजलि इस वारदात के पीछे थे।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके साथियों की तलाश जारी है।
कैसे बना हत्या का प्लान?
राकेश मूल रूप से चिक्कबल्लापुर के विरुपासांद्रा का रहने वाला है।
पहले वह शादियों में खाना बनाने का काम करता था, तभी उसकी मुलाकात अर्चना से हुई थी, जो रिसेप्शनिस्ट का काम करती थीं।
हाल ही में अर्चना ने वीडियो कॉल पर राकेश से बातचीत की। तभी उसकी नजर अर्चना के सोने के कंगन पर पड़ी।
राकेश पर ऑटो लोन की भारी किस्तें बकाया थीं और वह ईएमआई न चुका पाने के कारण ऑटो जब्त होने से डर रहा था।
इसी वजह से उसने अर्चना के गहने लूटने और उसे खत्म करने की योजना बनाई।
शामिल हुए तीन और साथी
राकेश ने सबसे पहले अपनी दूसरी प्रेमिका निहारिका को यह बात बताई।
निहारिका ने अपनी दोस्त अंजलि से चर्चा की और फिर अंजलि ने अपने दोस्त नवीन को शामिल कर लिया। चारों ने मिलकर अर्चना की हत्या का खौफनाक प्लान बनाया।
ऐसे दी गई मौत
14 अगस्त को राकेश ने अर्चना को फोन करके ईशा फाउंडेशन घूमने का बहाना बनाया।
राकेश, अंजलि और नवीन उसे दिनभर घुमाते रहे। शाम को कार में ही अर्चना का गला ओढ़नी से दबाकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद तीनों ने उसके सोने के गहने लूट लिए और शव को नामगोंडलू गांव के पास फेंक दिया।
पुलिस ने ऐसे पकड़ा हत्यारों को
अर्चना का शव मिलने के बाद पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली।
उसमें राकेश और अंजलि का नाम सामने आया। जब दोनों से पूछताछ हुई तो उन्होंने पूरा सच उगल दिया।
फिलहाल राकेश और अंजलि को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस निहारिका और नवीन की तलाश में छापेमारी कर रही है।