सीजी भास्कर, 26 अगस्त। IIT प्रोजेक्ट पर काम कर रहे युवक ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी है। उसका शव सोमवार सुबह कल्याणपुर के गूबागार्डन स्थित एक अपार्टमेंट में फंदे से लटका मिला।
Kanpur Suicide Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर से यह दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।
यहां पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान 25 वर्षीय दीपक चौधरी के रूप में हुई।
बताया जा रहा है कि सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी मूलरूप से महाराष्ट्र के जलगांव जिले के कोठडी कस्बे के रहने वाला था। वो यहां आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से IIT कानपुर के लिए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, दीपक चौधरी अपने रूम पार्टनर अमन गुप्ता (निवासी जयपुर, राजस्थान) के साथ किराए के अपार्टमेंट में था।
रविवार रात दोनों ने साथ मिलकर काम किया और देर रात कमरे में आराम करने चले गए।
सोमवार सुबह जब अमन सोकर उठा और साथी को जगाने गया तो दीपक का शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका मिला। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सुसाइड नोट में लिखी ये बात
मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की. पुलिस को घटनास्थल से एक नोटबुक बरामद हुई, जिसमें दीपक ने मराठी भाषा में सुसाइड नोट लिखा था।
नोट में लिखा- मम्मी-पापा मुझे माफ करना। मैं ठीक से काम नहीं कर पा रहा हूं और आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा हूं। इसके अलावा उसने मौजूदा माहौल में खुद को ढाल न पाने की बात भी लिखी है।
पुलिस ने बताया कि बरामद सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की जांच के लिए भेजा गया है।
प्रारंभिक जांच में यह लग रहा है कि दीपक मानसिक तनाव में था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी है। परिजन मंगलवार सुबह तक कानपुर पहुंचेंगे, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
शांत स्वभाव का था दीपक
दीपक चौधरी का परिवार जलगांव में रहता है। उसके पिता नितिन चौधरी किसान हैं।
बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों से बातचीत के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी।
पड़ोसियों का कहना है कि दीपक कम बोलने वाले और शांत स्वभाव का था। अक्सर काम में ही व्यस्त रहता था। पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और मामले की जांच जारी है।