सीजी भास्कर, 27 अगस्त : राज्य के सभी 55 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल (Surat Cleanliness Model Study Tour) सूरत के अध्ययन भ्रमण पर जाएंगे। अपने तीन दिवसीय अध्ययन प्रवास के दौरान वे सूरत नगर निगम की सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन के साथ ही शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अपनाए गए नवाचारों का अध्ययन करेंगे। वे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा नागरिकों से संवाद कर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के गुर भी सीखेंगे।
अध्ययन यात्रा के पहले बैच में 28 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी 28 अगस्त से 30 अगस्त तक सूरत में साफ-सफाई की व्यवस्था का अध्ययन करेंगे। वहीं दूसरे बैच में 27 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी 1 सितम्बर से 3 सितम्बर तक (Surat Cleanliness Model Study Tour) सूरत में अपने-अपने शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के तरीके सीखेंगे। इस भ्रमण से राज्य के नगरीय निकायों को स्वच्छता के प्रति दृष्टिकोण बदलने में मदद मिलेगी। अध्ययन भ्रमण से प्राप्त अनुभव नगर पालिकाओं को स्थायी, सहभागी एवं नवाचारयुक्त अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में सक्षम बनाएंगे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पहल पर विगत जून माह में राज्य के सभी 14 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त और वरिष्ठ अभियंता इंदौर के अध्ययन भ्रमण पर गए थे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने अध्ययन प्रवास से लौटे सभी महापौरों और आयुक्तों के साथ मैराथन कार्यशाला आयोजित कर उनके अनुभवों को सुना था। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के नगर निगमों में स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार इंदौर की बेस्ट प्रेक्टिसेस और नवाचारों को लागू करने मंथन किया गया था। कई नगर निगमों ने इन पर अमल भी शुरू कर दिया है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के इंदौर के सार्थक अध्ययन भ्रमण को देखते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग ने अन्य नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को भी देश के स्वच्छतम शहरों के भ्रमण पर भेजने का निर्णय लिया है। इसी के तहत सभी नगर पालिकाओं के अध्यक्षों और सीएमओ को अध्ययन प्रवास पर (Surat Cleanliness Model Study Tour) सूरत भेजा जा रहा है। सूरत नगर निगम स्वच्छता, तकनीकी दक्षता एवं शहरी नवाचारों में देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में से एक है। वहां की श्रेष्ठ प्रथाओं और नवाचारों को देख-समझकर लौटने के बाद उन्हें राज्य की नगर पालिकाओं में स्थानीय परिप्रेक्ष्य में लागू करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
तीन दिनों के अध्ययन प्रवास में इनका करेंगे अवलोकन
दो बैचों में अध्ययन भ्रमण पर जा रहे नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और सीएमओ सूरत नगर निगम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के एकीकृत मॉडल का अवलोकन करेंगे, जिसमें शत-प्रतिशत घर-घर अपशिष्ट संग्रहण, स्रोत-स्तरीय पृथक्करण प्रणाली, स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन, अपशिष्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स, जीपीएसयुक्त अपशिष्ट वाहन प्रणाली, रियल-टाइम ट्रैकिंग एवं आईसीसीसी के माध्यम से निगरानी शामिल हैं। इनके साथ ही वे प्रतिभागी सर्कुलर इकोनॉमी एवं नवाचार से जुड़ी पहलों जैसे बायोमाइनिंग, वेस्ट-टू-वेल्थ, लैंडफिल प्रबंधन, आरआरआर (Reduce-Reuse-Recycle) केंद्रों तथा सामुदायिक सहभागिता आधारित शून्य अपशिष्ट पहल का भी अध्ययन करेंगे।
अध्ययन भ्रमण के दौरान सूरत नगर निगम के अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद, केस स्टडी आधारित प्रस्तुतियाँ तथा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों द्वारा स्थानीय समाधान की पहचान एवं रूपरेखा पर मंथन जैसे ज्ञानवर्धन सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इससे नगर पालिकाओं के अध्यक्षों एवं सीएमओ को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और वे अपने निकायों में नवाचारयुक्त समाधान लागू करने के लिए प्रेरित होंगे।