नराकास भिलाई-दुर्ग की 61वीं छमाही बैठक एवं वार्षिक पुरस्कार समारोह संपन्न
सीजी भास्कर, 29 अगस्त। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति भिलाई-दुर्ग की 61वीं छमाही बैठक सिविक सेन्टर स्थित ‘भिलाई निवास’ के ‘बहुउद्देशीय सभागार’ में नरेन्द्र सिंह मेहरा, उप निदेशक, (कार्यान्वयन) एवं कार्यालयाध्यक्ष, भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य) भोपाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई।
भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं अध्यक्ष, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग चितरंजन महापात्र ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन पवन कुमार उपस्थित थे।
सर्वप्रथम अतिथिगण ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमूल्य प्रियदर्शी एवं महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) तथा सचिव, नराकास, भिलाई-दुर्ग राजीव कुमार ने शॉल, श्रीफल एवं पुस्तक भेंट कर अतिथिगण का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि श्री मेहरा ने नराकास, भिलाई-दुर्ग की सराहना करते हुए कहा कि नराकास, भिलाई-दुर्ग ने आरंभ से ही लगातार प्रशंसनीय कार्य किये हैं। उन्होंने नराकास, भिलाई-दुर्ग को वर्ष 2023-24 के लिए प्राप्त मध्य क्षेत्र का ‘नराकास राजभाषा सम्मान, प्रथम पुरस्कार’ हेतु बधाई दी तथा भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन हेतु शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नराकास, भिलाई-दुर्ग को पूर्व में भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्कृष्टता का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने नराकास स्तर पर आयोजित होने वाली समस्त प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों को हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अत्यंत लाभकारी व उपयोगी निरूपित किया।
श्री मेहरा ने नराकास, भिलाई-दुर्ग के विभिन्न सदस्य कार्यालयों में हिंदी में कार्यालयीन कामकाज बढाने तथा हिंदी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने नराकास, भिलाई-दुर्ग के पुरस्कार विजेता संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी में समस्त कार्यालयीन कार्य करना हम सबका राष्ट्रीय कर्तव्य है। सभी संस्थान प्रमुखगण इस दिशा में प्रयासरत हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में ‘नराकास, भिलाई-दुर्ग’ हिंदी के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ एवं ऊँचाइयाँ अर्जित करने में अवश्य ही सफल होगा।
विशिष्ट अतिथि कार्यपालक निदेशक पवन कुमार ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि हम सभी हिंदी के प्रति अपने अनुराग को हिंदी में सभी कार्यालयीन कार्य करके प्रदर्शित करें। जब भी कलम उठाएँ या की-बोर्ड पर लिखें देवनागरी लिपि में लिखें यही आज की आवश्यकता है।
स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए महाप्रबंधक राजीव कुमार ने कहा कि नराकास, भिलाई-दुर्ग के सदस्य संस्थानों ने राजभाषा नीतियों के कार्यान्वयन एवं क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुपालन में सदैव रचनात्मक सहयोग किया है।
नराकास, भिलाई-दुर्ग परिवार हिंदी में समस्त कार्यालयीन कामकाज सहित अपने समस्त कार्यों में श्रेष्ठ निष्पादन करें तथा निरंतर नए शिखरों को स्पर्श करे, हमारा यही प्रयास है।
बैठक की कार्यवाही में सर्वप्रथम विगत बैठक का अनुपालन प्रतिवेदन एवं आगत तिमाही के लिए कार्यसूची का वाचन किया गया, जिसके अनुमोदन के उपरांत विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई व महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन – राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने किया तथा आभार प्रदर्शन उप मण्डल अभियंता, भारत संचार निगम लिमिटेड, मण्डल कार्यालय, दुर्ग सुश्री अनुराधा धनांक ने किया।
बैठक में भिलाई-दुर्ग स्थित केन्द्र सरकार के उपक्रमों, प्रतिष्ठानों, विभागों, बैंक एवं बीमा कंपनियों सहित ‘नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग’ के 50 सदस्य संस्थानों के संस्थान प्रमुखगण एवं उनके हिंदी अधिकारीगण तथा इन संस्थानों के ‘राजभाषा विशिष्ट सेवा पुरस्कार’ विजेता कर्मचारी व अधिकारीगण उपस्थित थे।