CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » राज्यपालों द्वारा रोके गए विधेयक: सुप्रीम कोर्ट में सातवें दिन भी सुनवाई, राज्यों ने विवेकाधिकार का किया विरोध

राज्यपालों द्वारा रोके गए विधेयक: सुप्रीम कोर्ट में सातवें दिन भी सुनवाई, राज्यों ने विवेकाधिकार का किया विरोध

By Newsdesk Admin
03/09/2025
Share

नई दिल्ली। राज्यपाल और राष्ट्रपति के पास भेजे गए विधानसभा से पास बिलों पर मंजूरी की समय-सीमा तय करने को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार सातवें दिन बुधवार को सुनवाई हुई।

Contents
  • राज्यों का तर्क: गवर्नर सिर्फ औपचारिक प्रमुख
  • सुप्रीम कोर्ट की बेंच
  • पश्चिम बंगाल का पक्ष
  • हिमाचल प्रदेश का तर्क
  • कर्नाटक का पक्ष
  • केंद्र का रुख
  • राष्ट्रपति का सवाल
इस दौरान पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने राज्यपालों की विवेकाधिकार शक्ति पर सवाल उठाए।

राज्यों का तर्क: गवर्नर सिर्फ औपचारिक प्रमुख

राज्यों ने दलील दी कि कानून बनाने का अधिकार विधानसभा के पास है और राज्यपाल इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। वे केवल औपचारिक प्रमुख होते हैं। अदालत ने भी मंगलवार को टिप्पणी की थी कि गवर्नर किसी विधेयक को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रख सकते।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच

चीफ जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पांच सदस्यीय बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

पश्चिम बंगाल का पक्ष

राज्य के वकील कपिल सिब्बल ने कहा,

“अगर विधानसभा से पास बिल गवर्नर को भेजा जाता है तो उन्हें उस पर हस्ताक्षर करना ही होगा। संविधान की धारा-200 में ‘संतोष’ जैसी कोई शर्त नहीं है। या तो वे बिल पर साइन करें या राष्ट्रपति को भेज दें। लगातार अटकाना संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।”

हिमाचल प्रदेश का तर्क

हिमाचल सरकार के वकील आनंद शर्मा ने कहा कि भारत का संघीय ढांचा संविधान का अहम हिस्सा है। अगर गवर्नर बिल रोकते रहेंगे तो केंद्र और राज्यों के बीच टकराव बढ़ेगा, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

 उन्होंने कहा कि गवर्नर का पद जनता की इच्छा को नकारने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

कर्नाटक का पक्ष

कर्नाटक सरकार की ओर से वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा कि राज्य में ‘डायार्की’ यानी दोहरी सरकार नहीं हो सकती। गवर्नर को हमेशा मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गवर्नर को सिर्फ दो स्थितियों में विवेकाधिकार है—
  1. अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजने में।
  2. जब कोई बिल हाईकोर्ट की शक्तियों को प्रभावित करता हो।
    इनके अलावा उनके पास कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है।

केंद्र का रुख

केंद्र सरकार ने तर्क दिया था कि राज्य सरकारें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकतीं, क्योंकि राष्ट्रपति और राज्यपाल के फैसले न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आते।

वहीं, अदालत ने पहले कहा था कि अगर गवर्नर अनिश्चितकाल तक बिल रोके रखें तो ‘जल्दी’ शब्द का महत्व ही खत्म हो जाएगा।

राष्ट्रपति का सवाल

मई 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट से पूछा था कि क्या अदालत गवर्नर और राष्ट्रपति को बिलों पर फैसला करने के लिए कोई समय-सीमा तय कर सकती है। इसी सवाल के बाद यह सुनवाई शुरू हुई है।
भरी अदालत में हाई कोर्ट के जजों को कह दिया था ‘गुंडा’; अब मिली 6 महीने की सजा, प्रैक्टिस पर भी खतरा
Elon Musk’s big plan : X बनेगा ‘एवरीथिंग ऐप’, अब आ रहा है X Money फीचर
NEET-UG Row: 1563 उम्मीदवारों के ग्रेस मार्क वापस 🟦 23 जून को फिर से परीक्षा 🟩 केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा…..
एक्स CM भूपेश और MLA रिकेश के बीच सवाल-जवाब की लड़ाई जारी, भूपेश ने कहा “रिकेश सरकार का मोहरा” तो रिकेश बोले – “जो जेल में बंद वो आपके हैं कौन…?”
इंदौर में लूट: कुत्ते को घुमाने निकली महिला की गले से चेन झपटी, बदमाश बाइक से फरार…
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

No relief for Simplex director Sangeeta Ketan Shah : करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में जमानत याचिका खारिज, कोर्ट बोला- मामला गंभीर

No relief for Simplex director Sangeeta Ketan Shah

Big update in Chhattisgarh Forest Guard Recruitment : 1484 पदों पर जल्द होगी लिखित परीक्षा

Big update in Chhattisgarh Forest Guard Recruitment

Rahul Gandhi
Rahul Gandhi : राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर आखिर क्यों गरमाई सियासत, खर्च को लेकर उठे बड़े सवाल

सीजी भास्कर, 14 मई। देश की राजनीति में…

Kubbra Sait
Kubbra Sait : जिस रोल को लोगों ने बताया था बड़ी गलती, उसी ने बदल दी इस एक्ट्रेस की पूरी किस्मत

सीजी भास्कर, 14 मई। फिल्मी दुनिया में पहचान…

DA Hike
DA Hike : थलापति विजय ने कर्मचारियों और महिलाओं को लेकर किया बड़ा ऐलान, अब खातों में आएगी राहत

सीजी भास्कर, 14 मई। तमिलनाडु में गुरुवार को…

You Might Also Like

छत्तीसगढ़ट्रेंडिंगदेश-दुनियाफीचर्ड

साय कैबिनेट के बड़े फैसले : शहीद परिजनों को सभी विभागों में नौकरी, सोलर पैनल पर ₹30 हज़ार सब्सिडी और स्कॉलरशिप

18/06/2025
अपराधदेश-दुनियाराजनीतिराज्य

Bareilly Violence Congress Leader Statement: मौलानाओं और भाजपा की नजदीकी पर उदित राज का बड़ा दावा

28/09/2025
घटना दुर्घटनाट्रेंडिंगदेश-दुनियाफीचर्डराजनीति

BIG Break: अब 16 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे आप नेता सिसोदिया, सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

09/08/2024
घटना दुर्घटनाट्रेंडिंगदेश-दुनियाफीचर्ड

AI-171 दुर्घटना : एअर इंडिया PAC के सामने बोली- ‘ड्रीमलाइनर सबसे सुरक्षित विमान’, जांच रिपोर्ट का इंतजार

08/07/2025
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?