सीजी रायपुर, 3 सितंबर। राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया।
गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें (साहसी युवा) सोमेश साव, देवाशीष बरिहा, आकाश साहू, विशाल यादव, अभिषेक सिन्हा और ए. वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपनी समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें। कलेक्टर ने बताया कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री का आगमन होना था, उन्होंने हमें तुरंत घटना स्थल पर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ने का निर्देश दिया। इसके तुरंत बाद हम घटना स्थल पर पहुंच गए।
उस दौरान नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और प्रशासनिक अमला एवं एसडीआरएफ की टीम आग बुझाने के काम में डटी रही। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहुंच गए। परिस्थितियों को देखते हुए वे दोनों टीम के साथ 7वें माले पर पहुंचे और उपस्थित लोगों को समझाया कि घबराएं नहीं और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।
(जांबाज़ युवाओं) ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा। वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहुँच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से ऊपर चढ़ते हुए सभी फ्लोर पर लगी आग बुझाते चले गए। नगर निगम कर्मचारी ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने युवाओं को गीले कपड़े मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद सोमेश और ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की।


