सीजी भास्कर 8 सितम्बर
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 10 सितंबर को देश की एक अत्याधुनिक (Ghaziabad chemical laboratory) की शुरुआत होने जा रही है।
नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) नामक इस प्रयोगशाला का उद्घाटन केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी करेंगे। यह एडवांस लैब पानी, फूड, सीमेंट, प्लास्टिक और खाद जैसे कई उत्पादों की जांच करने में सक्षम होगी।
NABL और BIS से मिली मान्यता
इस प्रयोगशाला को ISO/IEC 17025:2017 के अंतर्गत NABL से मान्यता प्राप्त है। इसके अलावा इसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) बाह्य प्रयोगशाला योजना, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत भी मान्यता दी गई है। यह मान्यता सुनिश्चित करती है कि यहां किए जाने वाले परीक्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरेंगे।
किन-किन उत्पादों की होगी जांच
गाजियाबाद की इस लैब में पैक किए गए भोजन, पेयजल और मिनरल वाटर, डिब्बाबंद खाद्य सामग्री, एल्युमीनियम व कॉपर से बने एनामेल्ड और इंसुलेटेड तार, कोयला, पेट्रोलियम कोक, बिटुमेन, एनामेल पेंट, एंटी-स्किड प्रोडक्ट्स, रेत और बजरी जैसे उत्पादों का परीक्षण किया जाएगा। यह (Ghaziabad chemical laboratory) खाद्य सुरक्षा और औद्योगिक विकास दोनों के लिए अहम साबित होगी।
एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस
इस प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनमें परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोमीटर (AAS), इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा-परमाणु उत्सर्जन स्पेक्ट्रोस्कोपी (ICP-AES), ऑप्टिकल उत्सर्जन स्पेक्ट्रोमीटर (OES), गैस क्रोमैटोग्राफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री (GC-MS), उच्च-प्रदर्शन द्रव क्रोमैटोग्राफी (HPLC) और आयन क्रोमैटोग्राफी शामिल हैं। इनसे विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग को भी लाभ मिलेगा।
भविष्य में और बढ़ेगा टेस्टिंग का दायरा
नेशनल टेस्ट हाउस की योजना आने वाले समय में अपने दायरे को और बढ़ाने की है। इसमें फोर्टिफाइड फूड प्रोडक्ट्स जैसे गेहूं का आटा, मैदा, मेवे, खाद्य तेल और विटामिन A एवं D से भरपूर नमक के परीक्षण की सुविधाएं शुरू की जाएंगी।
इसके साथ ही मसालों की टेस्टिंग और खाद्य उत्पादों में सूक्ष्म पोषक तत्वों का विश्लेषण भी किया जाएगा, ताकि जन स्वास्थ्य और क्वालिटी एश्योरेंस में बड़ा योगदान मिल सके।
