सीजी भास्कर, 16 सितंबर। सिर्फ पांच हजार रुपये मासिक कमाने वाला एक सफाईकर्मी अचानक करोड़ों रुपये के बोझ तले दब गया। आयकर विभाग का नोटिस (Income Tax Fraud Case) थमते ही उसके परिवार की नींद उड़ गई। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी ने उसकी चिंता और बढ़ा दी।
यह चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का है। यहां आदिवासी आश्रम में कार्यरत सफाईकर्मी संतोष चौधरी को आयकर विभाग से 1 करोड़ 20 लाख रुपये का नोटिस मिला है। नोटिस में कहा गया है कि उन्होंने टैक्स का भुगतान नहीं किया और बड़ी राशि का लेन-देन उनके पैन कार्ड पर दर्ज है।
संतोष के मुताबिक, कुछ वर्ष पहले गांव के पूर्व सरपंच अजय यादव ने कार खरीदने के लिए उनका पैन कार्ड मांगा था। उस समय उन्होंने बिना शक अपना कार्ड दे दिया। सरपंच ने गाड़ी खरीदी और किस्तें भी भरीं। लेकिन बाद में संतोष के पैन नंबर पर 2017-18 में लाखों रुपये का लेन-देन दिखाया गया।
संतोष को पहली बार फरवरी 2024 में 55 लाख रुपये का नोटिस मिला था। उन्होंने तुरंत पुलिस अधीक्षक से शिकायत की और आयकर विभाग को भी लिखकर बताया कि उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग हुआ है। जांच की मांग भी उठाई गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अब सितंबर 2025 में उन्हें एक और बड़ा नोटिस (Income Tax Fraud Case) मिला है, जिसकी राशि सीधे 1 करोड़ 20 लाख रुपये है। परिवार इस झटके से टूट गया है। यह रकम चुकाना उनके लिए नामुमकिन है। वे लगातार अधिकारियों से न्याय की अपील कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला गरीब वर्ग के साथ होने वाली लापरवाही और धोखाधड़ी (Income Tax Fraud Case) की तस्वीर दिखाता है। सवाल उठ रहे हैं कि जब सफाईकर्मी की मासिक आय महज पांच हजार रुपये है तो करोड़ों के वित्तीय लेन-देन का बोझ उस पर कैसे डाला जा सकता है।




