रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने बड़ा कदम उठाते हुए (Godrej Plotting RERA Action) के तहत गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की स्वामित्व वाली भूमि की बिक्री और प्रचार-प्रसार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
बिना पंजीकरण के चल रहा था विज्ञापन
प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि ग्राम डोमा, तहसील और जिला रायपुर की लगभग 50 एकड़ भूमि (खसरा क्रमांक 213/2, 213/125, 15016, 15017/1 आदि) का सोशल मीडिया और अन्य विज्ञापनों के माध्यम से प्रचार किया जा रहा था। जबकि इस प्रोजेक्ट को रेरा में पंजीकृत नहीं कराया गया था। रेरा अधिनियम 2016 की धारा-3 स्पष्ट करती है कि बिना पंजीकरण किसी भी परियोजना की बिक्री या विज्ञापन वर्जित है। इस आधार पर (Godrej Plotting RERA Action) को गंभीर उल्लंघन मानते हुए रोक लगाने का आदेश जारी किया गया।
पुणे और मुंबई के एजेंटों पर आरोप
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पुणे और मुंबई के तीन एजेंट—
- शशिकांत झा (पुणे),
- दीक्षा राजौर (पुणे),
- प्रॉपर्टी क्लाउड्स रियल्टी स्पेसिफायर प्रा. लि. (मुंबई),
ने बिना पंजीकरण करवाए इस भूमि की बिक्री का विज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था। यह कार्रवाई सीधे-सीधे (Godrej Plotting RERA Action) से जुड़ा मामला है और प्राधिकरण ने इसे गंभीरता से लिया है।
रेरा की धारा-9 और धारा-10 का उल्लंघन
रेरा अधिनियम की धारा-9 और धारा-10 के अनुसार, कोई भी एजेंट बिना पंजीकरण किसी प्रोजेक्ट की खरीद-बिक्री या विज्ञापन नहीं कर सकता। इन प्रावधानों का पालन न करने पर प्राधिकरण ने पूरा प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। (Godrej Plotting RERA Action)

प्राधिकरण की सख्ती का संदेश
यह कदम रेरा की सख्ती और नियमों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे उन एजेंटों और कंपनियों को सीधा संदेश गया है जो बिना पंजीकरण परियोजनाओं का प्रचार या बिक्री करने की कोशिश करते हैं। रेरा का यह निर्णय आगे ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद करेगा।





