सीजी भास्कर, 21 सितंबर। फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग (Disha Patani, Firing Case) का पूरा सच अब सामने आ गया है। पुलिस जांच में यह बात उजागर हुई है कि वारदात को अंजाम देने से पहले शूटरों ने जमकर मौज-मस्ती की थी और पैसे बेफिजूल उड़ाए थे। इस घटना ने एक बार फिर संगठित अपराध के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फायरिंग से पहले का घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, पांच शूटर वारदात से छह दिन पहले बरेली पहुँचे थे। उन्होंने पहले दिशा पाटनी (Disha Patani, Firing Case) के घर की रेकी की, उसके बाद वे राजस्थान चले गए, जहाँ उन्होंने मौज-मस्ती की। जयपुर में आरोपियों ने आमेर का किला घूमा और एक होटल में ठहरे, जहाँ उन्होंने अपनी असली आईडी का इस्तेमाल किया।
पैसों का सौदा और गैंग का लिंक
जांच में पता चला है कि इस काम के लिए शूटरों को 20 से 25 हजार रुपये का वादा किया गया था। मुख्य शूटर रविंद्र जाट ने ही बाकी शूटरों को इस अपराध के लिए तैयार किया था। रविंद्र जाट का सीधा लिंक गोल्डी बराड़ (Disha Patani, Firing Case) और रोहित गोदारा गैंग से था। हालांकि, मुठभेड़ में रविंद्र जाट की मौत हो चुकी है। गिरफ्तार घायल शूटर रामनिवास ने पुलिस को बताया कि उसका गैंग से सीधा संपर्क नहीं था, वह तो अरुण के कहने पर इसमें शामिल हुआ था।
फर्जी आईडी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पाया कि कुछ आरोपियों ने होटल में ठहरने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। अब पुलिस इनके खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने की धारा भी बढ़ा रही है। कोतवाली प्रभारी अमित पांडेय ने इसकी पुष्टि की है। इसके अलावा, चौपुला पुल पर भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि वहाँ से भी घर पर नजर रखी जा सकती है।
नाबालिगों की भूमिका
दिल्ली में पकड़े गए दो आरोपी नाबालिग निकले हैं। बरेली पुलिस ने दिल्ली पहुँचकर उनके बयान दर्ज किए हैं और कोर्ट से बी वारंट लेकर उन्हें बरेली लाने की तैयारी कर रही है, ताकि रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा सके।
बरामदगी और पूछताछ जारी
11 और 12 सितंबर की रात को हुई इस घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने संयुक्त टीम के साथ मिलकर कई आरोपियों को पकड़ा है और अब घटना में इस्तेमाल की गई बाइक को भी बरामद करने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी अनिल ने बताया कि रविंद्र अक्सर उसके गैराज में छिपकर सोता था। यह मामला कई आपराधिक गतिविधियों और गैंग के नेटवर्क को उजागर कर रहा है।


