सीजी भास्कर, 22 सितंबर। सरगुजा जिले के सीतापुर वन परिक्षेत्र के सरगा खजुरपारा गांव में सोमवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। एक हाथी अपने झुंड से भटककर गांव पहुंच गया और पुराने गड्ढे में गिर पड़ा। गड्ढे में पानी भरा हुआ था और हाथी की जोरदार चिंघाड़ से पूरा इलाका गूंज उठा। ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाते ही वन विभाग और (Elephant Rescue Operation Chhattisgarh) टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कैसे फंसा हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि हाथी गांव के रास्ते से गुजर रहा था। संकरा और फिसलन भरा मार्ग होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ा और वह किसान के घर के पास बने गहरे गड्ढे में जा गिरा। गड्ढे में गिरते ही उसकी चिंघाड़ ने पूरे गांव को दहला दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी चुनौती
हाथी के विशाल आकार और गड्ढे की गहराई के कारण उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। वन विभाग ने पहले एक्सीवेटर से गड्ढे की चौड़ाई बढ़ाई और फिर ढलानदार रास्ता तैयार किया। इसी रास्ते से हाथी ने अपनी ताकत का इस्तेमाल कर बाहर आने में सफलता हासिल की।
ग्रामीणों में दहशत और रोमांच
गांव के लोग हाथी के पास जाने से डर रहे थे, लेकिन दूर से पूरा घटनाक्रम देखने भी बड़ी संख्या में जुटे रहे। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और गड्ढे से दूर रहने की सलाह दी। अधिकारियों का कहना है कि पिछले अनुभवों के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन चलाया और हाथी को सुरक्षित बचा लिया गया।
क्यों बार-बार गांवों तक पहुंच जाते हैं हाथी
इन दिनों सरगुजा अंचल में हाथियों का झुंड अक्सर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाता है। कभी खेतों को नुकसान पहुंचाते हैं तो कभी गांवों में प्रवेश कर जाते हैं। कई बार ऐसे हादसे भी सामने आ चुके हैं, जिनमें हाथी खुद मुश्किल में फंस जाते हैं।
फिलहाल स्थिति
हाथी के सुरक्षित बाहर आने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि हाथियों को दोबारा आबादी क्षेत्रों में प्रवेश से रोका जा सके।



