सीजी भास्कर, 22 सितम्बर दुर्ग। जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी इंजीनियर वैभव खंडेलवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके तीन सहयोगियों को भी दबोच लिया है। यह पूरा Durg Police Drug Case सामने आने के बाद साफ हो गया है कि आरोपी सिर्फ अकेले नहीं, बल्कि संगठित तरीके से फर्जी कंपनी बनाकर इस गोरखधंधे को चला रहे थे।
Durg Police Drug Case: पूछताछ में खुला राज
पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने चार दिन पहले वैभव खंडेलवाल से 17,208 नशीली गोलियां और 12 सिरप बरामद किए थे। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसके तीन साथी इस पूरे धंधे में बराबर के हिस्सेदार हैं। इसी आधार पर पुलिस ने अब कुणाल यादव, वासु सिंह राजपूत और अब्दुल अलीम को गिरफ्तार किया।
रेस्तरां के पास दबोचे गए आरोपी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीनों आरोपी पोटिया रोड स्थित एक रेस्टोरेंट के पास संदिग्ध हालात में मौजूद हैं। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय भी आरोपी ग्राहकों की तलाश में थे और नशीली दवाएं बेचने की कोशिश कर रहे थे।
सप्लाई चैन और जिम्मेदारियां
इस Durg Police Drug Case में सामने आया है कि तीनों आरोपी कंपनी में पार्टनर की तरह जुड़े हुए थे। कुणाल और वासु बड़ी दवा कंपनियों से डील करने और स्टॉक ऑर्डर करने का काम करते थे, जबकि अब्दुल अलीम ग्राहकों तक सप्लाई सुनिश्चित करता था। पुलिस को इनके पास से भी अल्प्रज़ोलम (Alprazolam) की स्ट्रिप्स बरामद हुईं।
ग्राहकों की तलाश में रहते थे हमेशा
पुलिस ने बताया कि जब तीनों को पकड़ा गया, उस वक्त वे नए खरीदारों को तलाश कर रहे थे। कुणाल यादव के पास से 10 गोलियां, वासु सिंह राजपूत के पास से 20 गोलियां और अब्दुल अलीम के पास से 15 गोलियां जब्त की गईं। इससे यह स्पष्ट होता है कि सभी सक्रिय रूप से नशे के नेटवर्क को आगे बढ़ा रहे थे।
उठ रहे थे सवाल – अकेले कैसे चल रहा था कारोबार?
वैभव की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा था कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं की सप्लाई अकेले कैसे हो सकती है। अब तीन और साथियों के गिरफ्तार होने से पुलिस की जांच दिशा साफ हुई है।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब पुलिस अन्य लिंक तलाशने और इस नेटवर्क में जुड़े और लोगों की पहचान करने में जुटी है।
Durg Police Drug Case: एएसपी ने दी जानकारी
एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि यह गिरोह पहले बड़ी कंपनियों से नशीली दवाएं मंगाता था और स्टॉक अपने पास रखकर बेचता था। फिलहाल चार आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं और आगे की जांच में और नाम सामने आ सकते हैं।





