सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके ने समग्र शिक्षा (Gariyaband BRC Harish Devangan Transfer Case) के क्रियान्वयन में शिथिलता और कार्यप्रणाली से जुड़ी कई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड छुरा के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) हरीश कुमार देवांगन को उनके पद से हटा दिया है। जारी आदेश के अनुसार उन्हें फिंगेश्वर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसदाकला में पदस्थ किया गया है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि समग्र शिक्षा मिशन के संचालन में लापरवाही और शासन के महत्वपूर्ण कार्य ‘गिरदावली’ में देरी की वजह से यह कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हरीश कुमार देवांगन (Gariyaband BRC Harish Devangan Transfer Case) की कार्यशैली को लेकर संकुल समन्वयकों ने कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। गिरदावली का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा नहीं किया गया था, जिससे समग्र शिक्षा के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कलेक्टर बीएस उइके ने इस मामले को गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से बीआरसी देवांगन को हटाने का आदेश दिया।
शिकायतों की जांच के लिए गठित हुई तीन सदस्यीय समिति
कलेक्टर बीएस उइके (Gariyaband BRC Harish Devangan Transfer Case) ने विकासखंड छुरा के संकुल शैक्षिक समन्वयकों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में छुरा के तहसीलदार गैंदलाल साहू, बीईओ किशुन लाल मतावले और सेजेस के प्राचार्य नेमीचंद साहू को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्राप्त शिकायतों की तथ्यपरक जांच कर पांच दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि बीआरसी देवांगन के कार्यकाल के दौरान समग्र शिक्षा योजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन कितना प्रभावी रहा और गिरदावली कार्य में देरी के कारण क्या प्रशासनिक या तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हुईं। कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बनाए रखना है, और इस दिशा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के शिक्षा विभाग में इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों में सतर्कता का माहौल है। माना जा रहा है कि यह कदम शिक्षा प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और अनुशासन को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।


