सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। झारखंड के गुमला जिले में सोमवार को एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप (Gumla Violence) ले लिया। खेत में मवेशी घुसने की बात पर दो गुटों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। मामला सिसई थाना क्षेत्र के असरो तेतर टोली गांव का है, जहां स्थिति बिगड़ने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो भीड़ ने उस पर ही हमला कर दिया।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी दयानंद यादव के खेत में धान की फसल लगी थी। रविवार की शाम पास के ही रहने वाले देवानंद गोप के मवेशी फसल में घुस गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी और फिर मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते लाठी-डंडे और धारदार हथियार चलने लगे। बताया जा रहा है कि एक पक्ष के कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
झड़प की सूचना पर सिसई थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। लेकिन आक्रोशित भीड़ पुलिस (Gumla Violence) पर ही टूट पड़ी। उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी और वाहन चालक घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए गुमला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही गुमला से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया। पूरे असरो तेतर टोली गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। वहीं पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पहले भी हुआ था पुलिस पर हमला
गुमला में पुलिस टीम पर हमला पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र में दो गुटों के बीच विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस पर भीड़ ने पथराव (Gumla Violence) कर दिया था। वहां भी पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे और कई जवान घायल हुए थे।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में छोटी बातों पर विवाद बढ़ना आम हो गया है। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि ऐसे मामलों को पहले स्तर पर ही शांत किया जाए, ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े।


