सीजी भास्कर, 29 अक्टूबर। भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में हुए मुआवजा घोटाले के मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने तीन लोकसेवकों को गिरफ्तार (Bharatmala Project Scam) किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तत्कालीन पटवारी दिनेश पटेल (नायकबांधा), लेखराम देवांगन (टोकरो) और बसंती घृतलहरे (भेलवाडीह) शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत की गई है। मामला वर्ष 2020 से 2024 के बीच हुए उस भूमि अधिग्रहण (Bharatmala Project Scam) से जुड़ा है, जिसमें रायपुर–विशाखापट्टनम इकॉनॉमिक कॉरिडोर (भारतमाला परियोजना) के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे में करोड़ों की हेराफेरी की गई थी।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने भू-माफियाओं और कुछ निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर शासन को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई। उन्होंने भूमि के बैकडेट में बंटवारे और नामांतरण, कूटरचित दस्तावेजों की तैयारी, तथा शासन को पहले से अधिग्रहीत भूमि को दोबारा बेचकर मुआवजा लेने जैसी धोखाधड़ियां कीं। कई मामलों में वास्तविक भूमि स्वामी के बजाय अन्य व्यक्तियों को भुगतान दिलाया गया, जबकि कुछ जगहों पर निजी भूमि को सरकारी अधिग्रहण में दिखाकर टुकड़ों में भुगतान उठाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि इस संगठित षड्यंत्र से शासन को कई करोड़ रुपए की आर्थिक हानि हुई है। तीनों लोकसेवकों को मंगलवार, 29 अक्टूबर को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर (Bharatmala Project Scam) में पेश किया गया। इससे पहले, इसी मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ, जिनमें दो लोकसेवक भी शामिल हैं, 13 अक्टूबर 2025 को चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
गौरतलब है कि इन तीनों आरोपियों सहित कुछ अन्य फरार लोकसेवकों के खिलाफ वारंट, उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी थी। हालांकि, उस दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। अब यह रोक 28 अक्टूबर 2025 को हटाए जाने के बाद एसीबी-ईओडब्ल्यू ने तीनों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, मामले के कुछ आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।


