सीजी भास्कर, 1 नवंबर | छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi in Chhattisgarh) आज राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं। यह यात्रा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कृति और जनसंवाद का प्रतीक भी बन गई है। प्रधानमंत्री आज नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे और कई अहम परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।
शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और संग्रहालय का उद्घाटन
अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक’ और ‘जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय’ का उद्घाटन किया। यह संग्रहालय न केवल इतिहास की याद दिलाता है बल्कि आदिवासी समाज के गौरव और संघर्ष की गाथा भी बयां करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत की आत्मा गांवों और जनजातीय परंपराओं में बसती है। जब हम अपनी जड़ों को सम्मान देते हैं, तभी सच्चे विकास की नींव रखी जाती है।”
‘दिल की बात’ पहल के तहत बच्चों से जुड़ा संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत ‘दिल की बात’ पहल से की। नवा रायपुर स्थित सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में उन्होंने ‘जीवन का उपहार’ कार्यक्रम के तहत उन लगभग 2,500 बच्चों से बातचीत की जिनका जन्मजात हृदय रोग का इलाज सफलतापूर्वक किया गया है।
बच्चों के मुस्कुराते चेहरे देखकर प्रधानमंत्री ने कहा, “इन नन्हे चेहरों में मुझे भारत का भविष्य दिखता है। यह हमारे स्वास्थ्य क्षेत्र की असली उपलब्धि है।”
तीजन बाई के परिवार और लेखक विनोद कुमार शुक्ल से बात
छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी का स्नेह भी इस दौरे में झलकता है। उन्होंने पद्म विभूषण तीजन बाई के परिवार से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीजन बाई जैसी कलाकारों ने लोक परंपरा को विश्व पटल पर पहुंचाया है।
इसके साथ ही उन्होंने पद्म भूषण लेखक विनोद कुमार शुक्ल से भी बात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछा। यह संवाद प्रधानमंत्री के Emotional Connect with Artists को दर्शाता है।
विकास की नई दिशा और राज्य की प्रतिस्पर्धा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा कि छत्तीसगढ़ की प्रकृति और संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी नक्सलवाद से प्रभावित थे, आज विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा, “यह प्रदेश अब Developed India Vision का मजबूत स्तंभ बन रहा है। यहां के मेहनती और हुनरमंद लोग भारत के विकास अभियान के अग्रदूत हैं।”
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री आज ब्रह्माकुमारीज़ के “शांति शिखर” (Shanti Shikhar) का उद्घाटन भी करेंगे, जो आध्यात्मिक शिक्षा, ध्यान और आंतरिक शांति का आधुनिक केंद्र है। उन्होंने कहा कि “जब विकास और अध्यात्म साथ चलते हैं, तब समाज में संतुलन और स्थिरता आती है।”
इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों से आग्रह किया कि वे अपने राज्य की परंपरा, कला और आत्मा को संरक्षित रखते हुए विकास की नई ऊँचाइयों को छूएं।
छत्तीसगढ़ – प्रकृति, संस्कृति और प्रगति का संगम
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल योजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Chhattisgarh Cultural Pride को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास भी है।
उन्होंने कहा कि “यह राज्य प्रकृति की गोद में बसा है, जहां संस्कृति और सभ्यता साथ सांस लेती हैं। यही भारत की असली पहचान है।”
