रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (PM Modi Inaugurates Tribal Freedom Fighters Museum) का शुभारंभ करते हुए छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की गाथाओं को एक नए रूप में प्रस्तुत किया।
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली आदिवासी इतिहास का जीवंत प्रतीक है।”
वीरता और बलिदान की विरासत को समर्पित संग्रहालय
संग्रहालय का उद्देश्य राज्य के जनजातीय समुदायों की वीरता, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सहेजना है।
यहां 16 विशेष गैलरी बनाई गई हैं, जिनमें हर गैलरी छत्तीसगढ़ के किसी न किसी Tribal Freedom Movement को समर्पित है।
इन गैलरी में वीर नारायण सिंह, गुंडाधूर, और अन्य आदिवासी सेनानियों की गाथाओं को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया गया है।
PM Modi Inaugurates Tribal Freedom Fighters Museum: स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों का संगम — संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण
इस परियोजना में छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और कोलकाता के कलाकारों ने भी अपनी रचनात्मकता का योगदान दिया है। इससे संग्रहालय को एक National Cultural Identity का रूप मिला है।
650 से अधिक मूर्तियों के माध्यम से जंगल सत्याग्रह, झंडा सत्याग्रह और आदिवासी विद्रोह जैसे आंदोलनों को जीवंत रूप में दिखाया गया है।
AI और VR तकनीक से सुसज्जित आधुनिक संग्रहालय
यह देश का पहला ऐसा डिजिटल संग्रहालय है जहां आगंतुक Artificial Intelligence (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) के जरिये “आदिवासी अनुभव” महसूस कर सकेंगे।
जैसे ही कोई व्यक्ति विशेष कैमरों के सामने खड़ा होगा, उसकी छवि स्क्रीन पर पारंपरिक आदिवासी परिधान में बदल जाएगी।
इस इंटरैक्टिव तकनीक से न सिर्फ इतिहास जीवंत होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह शिक्षा का अभिनव माध्यम बनेगा।
अस्त्र-शस्त्र और धरोहर — जनजातीय गौरव की झलक
संग्रहालय की गैलरी में पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र, कलाकृतियाँ और जनजातीय प्रतीकों का प्रदर्शन किया गया है।
यह भाग विशेष रूप से Tribal Heritage Display पर केंद्रित है, जिसमें आगंतुकों को यह दिखाया गया है कि किस तरह आदिवासी वीरों ने सीमित संसाधनों के बावजूद ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी।
‘आदि शौर्य’ ई-बुक का लोकार्पण और पौधारोपण
संग्रहालय के लोकार्पण के साथ ही प्रधानमंत्री ने “आदि शौर्य” नामक ई-बुक का भी विमोचन किया।
इसके बाद उन्होंने परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आदिवासी समाज के संघर्ष और शौर्य को नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है।”
विकास की नई दिशा — 14,260 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ जल्द
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवा रायपुर अटल नगर में प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
जल्द ही वे सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जो राज्य के Development Transformation को नई गति देंगे।




