सीजी भास्कर, 1 नवंबर। राज्य स्थापना के बाद पहली बार बलौदाबाजार जिले के एक कृषक को राज्य स्तरीय डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार (Krishi Samman 2025) के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान कृषक वामन टिकरिहा को कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार और विविधता अपनाने के लिए प्रदान किया जाएगा। जिले के किसानों में इस चयन को लेकर हर्ष और गर्व का माहौल है। कृषक वामन टिकरिहा के चयन को बलौदाबाजार की कृषि परंपरा और मेहनतकश किसानों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
बहु-आयामी खेती से सफलता की मिसाल
विकासखंड पलारी के ग्राम मुसुवाडीह निवासी वामन टिकरिहा (Farmer Vaman Tikriha) कुल 18.500 हेक्टेयर रकबे में खेती करते हैं। खरीफ मौसम में वे 9.496 हेक्टेयर में सुगंधित धान की प्रजातियाँ — देवभोग, जंवाफूल, एचएमटी, चिंटू आदि — की खेती करते हैं। वहीं रबी सीजन में गेहूं (5.040 हे.), चना (1 हे.), सरसों (1 हे.) और अलसी (2 हे.) जैसी फसलों की पैदावार लेते हैं। उद्यानिकी क्षेत्र में उन्होंने 1 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, नींबू, अदरक, जिमीकंद, आम, बेर और करौंदा की व्यावसायिक खेती (Horticulture Farming) शुरू की है। उनके खेत में बेर की 8, अमरूद की 5 और करौंदा की 2 उन्नत किस्में हैं, जो बाजार में विशेष मांग रखती हैं।
मछली पालन और पशुपालन से अतिरिक्त आमदनी
कृषक टिकरिहा ने अपने 1 हेक्टेयर तालाब में रोहू, कतला और अन्य प्रजातियों की मछलियाँ (Fish Farming) पाली हैं। इसके साथ ही 5 गायें, 10 बकरियाँ और 10 बत्तख का पालन भी कर रहे हैं। यह समन्वित कृषि पद्धति उन्हें अतिरिक्त आय और स्थिर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। खेत की मेड़ों पर दलहन-तिलहन जैसे अरहर और तिल की खेती से भूमि की उर्वरता बनी रहती है।
जैविक और प्राकृतिक खेती का आदर्श मॉडल
कृषक वामन टिकरिहा मॉं लक्ष्मी जैविक कृषक समूह (Organic Farmer Group) के सदस्य हैं और गौ-आधारित प्राकृतिक खेती (Cow-Based Natural Farming) को बढ़ावा दे रहे हैं। वे अपने खेत पर ही जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्न्यास्त्र जैसे जैविक कीटनाशक तैयार करते हैं। इससे उनकी उत्पादन लागत में कमी आती है और पर्यावरणीय संतुलन बना रहता है। अलसी के डंठलों से लिनन रेशा निकालकर कपड़ा निर्माण हेतु बेमेतरा जिले में विक्रय करने से वे कृषि उपज के मूल्य संवर्धन (Value Addition) का भी उदाहरण बने हैं।
Krishi Samman 2025 राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया हुनर
कृषक टिकरिहा ने रायपुर में आयोजित फल एवं पुष्प प्रदर्शनी (Fruit & Flower Exhibition) में बेर उत्पादन के लिए प्रथम और द्वितीय पुरस्कार, तथा मिर्च उत्पादन में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आम महोत्सव रायपुर (National Mango Festival Raipur) में आम और उससे बने उत्पादों की प्रदर्शनी में भी सक्रिय भागीदारी की है।
कृषक वामन टिकरिहा की सफलता ने जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उनका कहना है कि “अगर मेहनत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती की जाए, तो खेती भी उद्योग बन सकती है।”


