सीजी भास्कर, 18 नवंबर | रायपुर के DKS सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में Specialty Healthcare Expansion की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।
अस्पताल में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी दोनों विभाग शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इससे प्रदेश में पहली बार गठिया, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल बीमारियों के मरीजों को एक ही जगह सुपर स्पेशियलिटी उपचार उपलब्ध होगा।
किस बैठक में हुआ फैसला?
यह निर्णय उस सामान्य सभा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री ने की। बैठक में मेडिकल कॉलेज और DKS अस्पताल की स्वशासी समिति ने संयुक्त रूप से प्रस्ताव को मंजूरी दी।
लंबे समय से सुपर स्पेशियलिटी ट्रीटमेंट की मांग उठ रही थी, जिसे अब व्यावहारिक रूप दिया जा रहा है।
Advanced Clinical Departments मरीजों को क्या होगा फायदा?
नए विभाग खुलने से गठिया, जोड़ों के दर्द, थायरॉइड, हार्मोनल असंतुलन और डायबिटीज जैसे गंभीर रोगों का इलाज अब जनरल मेडिसिन की बजाय सुपर स्पेशियलिस्ट संभालेंगे।
अस्पताल में दोनों विभागों के लिए 10–10 बेड वाले नए वार्ड को मंजूरी दी गई है।
Advanced Clinical Departments शुरू होने से शहर ही नहीं, पूरे प्रदेश के मरीजों के लिए उपचार की गुणवत्ता बढ़ेगी।
निरीक्षण के बाद आगे बढ़ा प्रस्ताव
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सितंबर में अस्पताल का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग खोलने की जरूरत बताई, जिसके बाद विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
अब वही प्रस्ताव स्वीकृति तक पहुंच गया है।
Super Speciality Treatment राज्य में विशेषज्ञों की कमी क्यों थी?
राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में न तो रुमेटोलॉजी और न ही एंडोक्राइनोलॉजी के सुपर स्पेशियलिस्ट पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं।
अभी केवल एक DM एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ हैं, जो बच्चों का इलाज करते हैं।
चर्चा है कि विभाग शुरू होने पर उन्हें DKS में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि ऐसा प्रयास पहले भी असफल हो चुका है।
बीमारियों का बढ़ता बोझ
डायबिटीज के मरीजों की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है — अब 10 साल से ऊपर के बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज देखी जा रही है।
टाइप-1 (जेनेटिक) डायबिटीज भी तेज़ी से बढ़ रही है, जिस वजह से एंडोक्राइनोलॉजी अत्यंत जरूरी हो गई है।
उधर, जोड़ों के दर्द और विभिन्न ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझने वाले मरीज निरंतर बढ़ रहे हैं, जिन्हें अब तक जनरल कैटेगरी में ही उपचार मिल रहा था।
रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी की जरूरत क्यों खास?
दोनों कोर्स DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी में आते हैं, जिनकी राज्य में भारी कमी है।
नई इकाइयों के शुरू होने से न केवल गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा, बल्कि भविष्य में और विशेषज्ञ भी यहां जुड़ सकेंगे।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
अस्पताल प्रशासन जल्द ही दोनों विभागों के लिए आवश्यक स्टाफ, उपकरण और इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।
विभाग चालू होने के बाद मरीजों को OPD और IPD, दोनों स्तर पर उन्नत सुविधा मिलेगी।


