छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां स्वास्थ्य टीम ने वेल्डिंग दुकान के अंदर छिपे Illegal Clinic का भंडाफोड़ किया। यह तथाकथित अस्पताल एक झोलाछाप द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो मरीजों को भर्ती कर इलाज करने की कोशिश में उनकी जान को सीधे जोखिम में डाल रहा था।
शिकायत पर पहुंची टीम, मौके पर ही बंद करवाई सेवाएं
शिकायत मिलने के बाद संयुक्त संचालक के निर्देश पर नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि इस Fake Hospital के पास न पंजीयन था, न लाइसेंस और न ही किसी प्रकार की मान्य अनुमति। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया और संचालन बंद कराया।
बिना स्टाफ, बिना संसाधन—पूरी तरह गैरकानूनी संचालन
जांच के दौरान यह सामने आया कि झोलाछाप डॉक्टर वेल्डिंग दुकान के अंदर बने कमरे में मरीजों को भर्ती कर रहा था। न कोई पैरामेडिकल स्टाफ, न आपातकालीन संसाधन और न ही न्यूनतम चिकित्सा सुविधाएं मौजूद थीं। यह पूरा सेटअप स्वास्थ्य मानकों और Unregistered Medical Practice का खुला उल्लंघन था।
विभाग की चेतावनी—अवैध अस्पतालों पर जारी रहेगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया कि जिले में अनुमति-रहित अस्पतालों, क्लीनिकों और ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त और लगातार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों के खिलाफ किसी भी तरह का मेडिकल संचालन पाए जाने पर कड़ा कदम उठाया जाएगा।
स्थानीय लोग भी रहे हैरान, दुकान से मिले बिस्तर और दवाइयाँ
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, दुकान लंबे समय से खुली थी, लेकिन अंदर क्या चल रहा है, इसकी जानकारी अधिक लोगों के पास नहीं थी। जब जांच टीम ने अंदर के कमरे खुले, तो वहां उपचार में प्रयुक्त उपकरण, दवाइयाँ और बिस्तर पाए गए—जो स्पष्ट रूप से Illegal Clinic के संचालन की पुष्टि करते हैं।
झोलाछाप और दुकान संचालक पर कार्रवाई शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टर और दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्र के लोगों ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि ऐसे फर्जी अस्पताल कई बार मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करते हैं, इसलिए इस प्रकार की कार्रवाई बेहद जरूरी है।





