चढ़ावे में हेरफेर का सनसनीखेज आरोप (Maihar Sharada Temple Controversy)
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध मां शारदा देवी मंदिर, मैहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने श्रद्धालुओं को झकझोर दिया है। मंदिर में भक्तों द्वारा अर्पित किए गए सोने–चांदी के बहुमूल्य चढ़ावे के गायब होने का मुद्दा अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। प्रारंभिक जांच में यह मामला चढ़ावा प्रबंधन (Donation Management) की अनियमितताओं की ओर इशारा करता है, जिससे मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
- चढ़ावे में हेरफेर का सनसनीखेज आरोप (Maihar Sharada Temple Controversy)
- सीसीटीवी फुटेज बना मुख्य सबूत, चढ़ावा कोष में जमा नहीं हुआ
- Maihar Sharada Temple Controversy : समिति ने भेजा नोटिस, तीन दिनों में जवाब तलब
- पुराने दान-पत्र और अभिलेखों की जांच तेज, प्रशासन सख्त रुख में
- श्रद्धालुओं में गुस्सा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवालों की बौछार
- मां शारदा मंदिर की प्रतिष्ठा दांव पर, प्रशासन ने दिए भरोसे के संकेत
सीसीटीवी फुटेज बना मुख्य सबूत, चढ़ावा कोष में जमा नहीं हुआ
जांच के दौरान सामने आया कि 22 अक्टूबर 2025 को एक भक्त द्वारा चढ़ाए गए लगभग 2 किलो चांदी के छत्र, चांदी के मुकुट और सोने की नथ मंदिर के कोष में दर्ज ही नहीं की गईं।
सीसीटीवी फुटेज में दोपहर 2:55 बजे साफ दिखा कि चढ़ावा सीधे प्रधान पुजारी पवन कुमार शास्त्री के पास पहुंचा और प्लास्टिक बैग से निकालकर उनके कब्जे में चला गया। ये सामग्रियां न तो आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज हुईं और न ही दान कोष में जमा की गईं।
Maihar Sharada Temple Controversy : समिति ने भेजा नोटिस, तीन दिनों में जवाब तलब
मामला सामने आते ही मंदिर समिति ने प्रधान पुजारी को तीन दिन के भीतर लिखित जवाब देने का नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि इस घटना से devotee faith को भारी क्षति पहुंची है और मंदिर की प्रतिष्ठा पर गहरा धक्का लगा है।
समिति ने यह भी संकेत दिया कि संभव है कि ऐसी और भी घटनाएं पहले हो चुकी हों, क्योंकि कुछ अन्य मूल्यवान वस्तुओं की भी मिलान प्रक्रिया संदिग्ध पाई गई है।
पुराने दान-पत्र और अभिलेखों की जांच तेज, प्रशासन सख्त रुख में
घटना का दायरा बड़ा होते देख प्रशासन अब पिछले कई महीनों के दान-पत्रों, रिकॉर्ड और अर्पित सामग्रियों की पुनः जांच कर रहा है।
मंदिर समिति का कहना है कि यदि पुजारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ strict legal action की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन का रुख साफ है—मंदिर की पारदर्शिता और विश्वसनीयता किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
श्रद्धालुओं में गुस्सा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवालों की बौछार
जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ, श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया। सोशल मीडिया पर लोग दान प्रबंधन और मंदिर की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
भक्तों का कहना है कि ऐसे पवित्र स्थल पर चढ़ावे में हेराफेरी अस्वीकार्य है और यदि दोष सिद्ध होता है तो कड़े दंड की कार्रवाई होनी ही चाहिए।
मां शारदा मंदिर की प्रतिष्ठा दांव पर, प्रशासन ने दिए भरोसे के संकेत
मैहर का मां शारदा मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह विवाद मंदिर की छवि पर गहरा असर डाल सकता है।
प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है ताकि मंदिर की प्रतिष्ठा को नुकसान न हो और भक्तों का भरोसा कायम रखा जा सके।



