सीजी भास्कर, 27 नवंबर। गैंगस्टर अमन साव (Aman Saw Gang) के करीबी गुर्गे और इंटरनेट मीडिया पर लगातार धमकियां देने वाले आरोपित सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह को 10 दिसंबर को रायपुर पुलिस लेकर आएगी। इंटरपोल की मदद से अजरबैजान में गिरफ्तार किए गए मयंक को वर्तमान में झारखंड की जेल में रखा गया है। रायपुर की अदालत ने उसके लिए प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया है।
पीआरए ग्रुप ऑफिस फायरिंग केस का मुख्य आरोपित
जुलाई 2024 में तेलीबांधा स्थित पीआरए ग्रुप के दफ्तर पर हुई फायरिंग में मयंक सिंह (Aman Saw Gang) प्रमुख आरोपित के रूप में सामने आया था। इस घटना में अमन साव गैंग के शूटरों ने ऑफिस के बाहर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। रायपुर पुलिस ने इस केस में अमन साव गैंग के एक दर्जन से अधिक गुर्गों को पकड़ा था। जांच में खुलासा हुआ कि मयंक विदेश में बैठकर गैंग ऑपरेट कर रहा था और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से धमकियां दे रहा था।
अमन साव के एनकाउंटर के बाद गैंग की कमान संभाली
मार्च 2025 में हुए एनकाउंटर में गैंगस्टर अमन साव की मौत के बाद गैंग को मयंक सिंह चला रहा था। पुलिस के अनुसार मयंक, इंटरनेशनल गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का करीबी भी है और दोनों गैंगों के बीच वह जोड़ने वाली मुख्य कड़ी था।
(Aman Saw Gang) मयंक की ईमेल धमकी
पुलिस जांच में पता चला कि मई 2024 में रायपुर हमले से पहले हरियाणा और झारखंड के कई शूटर पकड़े गए थे। उसी दौरान मयंक ने ईमेल कर चेतावनी दी थी—
“शूटरों की कमी नहीं है, मांग पूरी नहीं हुई तो गोली चलेगी और निशाना नहीं चूकेगा। इसके दो महीने बाद ही 13 जुलाई 2024 को पीआरए दफ्तर के बाहर बाइक सवार शूटरों ने फायरिंग की थी। रायपुर पुलिस ने एक महीने के भीतर अमन साव समेत 12 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मयंक विदेश भाग गया था और अजरबैजान में पकड़ा गया।
अमन साव का अंत और गैंग पर लगातार कार्रवाई
अमन साव को अक्टूबर 2024 में प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाया गया था। मार्च 2025 में उसे झारखंड वापस ले जाते समय उसने भागने की कोशिश की, जिसके दौरान जवाबी कार्रवाई में वह मार गिराया गया। अब मयंक की गिरफ्तारी और उसे रायपुर लाने के बाद इस गैंग पर कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।





