SIR Chhattisgarh Action : छत्तीसगढ़ में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण—यानी SIR—के दौरान संदिग्ध नाम सामने आने के बाद सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने साफ कहा कि मतदाता सूची की “शुचिता और पारदर्शिता” से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। हर उस प्रविष्टि की जांच अनिवार्य होगी, जो संदिग्ध या फर्जी होने के संकेत देती है।
2003 की सूची आधार बनेगी पहचान की कसौटी
सरकार ने साफ किया है कि 2003 की मतदाता सूची में जिन व्यक्तियों के किसी भी blood relative का नाम मौजूद नहीं मिलेगा, वह मामला स्वतः जांच के दायरे में आएगा। यदि यह साबित होता है कि किसी ने अवैध तरीके से खुद को मतदाता के रूप में दर्ज करवाने की कोशिश की है, तो उसके खिलाफ Foreigners Act और अवैध प्रवासन से जुड़े कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई होगी। इसमें गिरफ्तारी, जेल और अन्य दंड भी शामिल हैं।
SIR Chhattisgarh Action : अचानक “बिना पारिवारिक लिंक” वाले नामों पर सवाल
विजय शर्मा ने कहा कि सामान्यतः वर्षों से बसे परिवारों का रिकॉर्ड मतदाता सूची में स्पष्ट रूप से स्तरबद्ध रहता है, लेकिन किसी व्यक्ति का अचानक सामने आ जाना—वह भी बिना किसी पारिवारिक उल्लेख के—गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में दस्तावेज़, निवास प्रमाण और नागरिकता से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी। यह सिर्फ चुनावी प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा से जुड़ा मामला है।
SIR की प्रमुख तिथियां जारी, घर–घर सत्यापन जारी
राज्य में SIR पुनरीक्षण की समय-सीमा भी जारी कर दी गई है। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर–घर जाकर सत्यापन और गणना का कार्य जारी रहेगा। इसके बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।
9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक नागरिक दावा–आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक सुनवाई और स्थल सत्यापन होगा, जबकि 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
SIR Chhattisgarh Action : वैध नागरिक निश्चिंत रहें, कार्रवाई सिर्फ फर्जी प्रविष्टियों पर
सरकार ने राज्य के वैध नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। कार्रवाई का उद्देश्य उन लोगों को चिन्हित करना है जिन्होंने फर्जी दस्तावेज़ या अवैध तरीकों से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवाया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सूची को पारदर्शी बनाने में सहयोग दें और आवश्यक दस्तावेज़ समय पर उपलब्ध कराएं।
BLO की घर–घर पहुंच, ‘Book a Call with BLO’ से मिली और सुविधा
राज्य में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर–घर जाकर फॉर्म भरने की सुविधा दे रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प भी खुला है। लोगों की आसानी के लिए “Book a Call with BLO” नाम की सेवा शुरू की गई है, जिसमें नागरिक 1950 नंबर पर STD कोड के साथ कॉल करके सीधे BLO से मदद ले सकते हैं।
मतदाता सूची को शुद्ध रखने की बड़ी पहल
मतदाता सूची को स्वच्छ रखना चुनावी प्रक्रिया की नींव माना जाता है। यही वजह है कि SIR Chhattisgarh Action इस बार पहले से कहीं अधिक कड़े और विस्तृत स्वरूप में किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सही पहचान और सही मतदाता ही लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती देते हैं, और इसी सिद्धांत के तहत यह पूरी कार्रवाई संचालित की जा रही है।
