सीजी भास्कर, 30 नवंबर। प्राचार्य एजुकेशन संवर्ग के रिक्त पदों का ब्योरा जुटाने के बाद अब लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने प्राचार्य ट्राइबल संवर्ग के रिक्त पदों की जानकारी संकलित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में डीपीआई ने सभी संयुक्त संचालकों को पत्र जारी करते हुए निर्धारित प्रारूप में आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है। संचालनालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक दिसंबर 2025 की स्थिति में उपलब्ध रिक्तियों का पूरा विवरण (Principal Tribal Vacancy) पांच दिसंबर तक हार्ड व सॉफ्ट कॉपी के साथ भेजना अनिवार्य होगा।
जारी पत्र में संभागवार रिक्तियों का ब्योरा मांगा गया है, जिसमें संभाग का नाम, जिले का नाम, विकासखंड, हाईस्कूल-हायर सेकंडरी स्कूल का नाम, जहां प्राचार्य पदस्थ या रिक्त हैं, तथा यूडाइस कोड का उल्लेख अनिवार्य किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्राचार्य ई-संवर्ग में रिक्त पदों के आधार पर दावा-आपत्ति और काउंसिलिंग की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद पदोन्नत प्राचार्यों को पदस्थापना दी जा रही है। माना जा रहा है कि टी-संवर्ग में रिक्तियों का संकलन इसी प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में किया जा रहा है, जिससे प्रमोशन के बाद ट्राइबल संवर्ग के प्राचार्यों को भी काउंसिलिंग के माध्यम से पदस्थापना दी जा सके।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जानकारी समय-सीमा के भीतर नहीं भेजी गई तो संबंधित संभागों की जवाबदेही तय की जाएगी। डीपीआई का मानना है कि ट्राइबल संवर्ग के रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्कूलों में नेतृत्व क्षमता भी बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया (Principal Tribal Vacancy) शिक्षा ढांचे को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि एजुकेशन और ट्राइबल दोनों ही संवर्गों की लंबित रिक्तियों को शीघ्र भरकर स्कूलों में स्थिर और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराया जाएगा। इस नई कार्रवाई से उम्मीद है कि पदोन्नति और पदस्थापना की प्रक्रिया और सुचारू होगी तथा विभागीय कार्यप्रणाली को आगे गति मिलेगी। डीपीआई का यह निर्देश (Principal Tribal Vacancy) आने वाले महीनों में शिक्षा विभाग की संरचनात्मक मजबूती को नया आधार देगा।
