सीजी भास्कर, 03 दिसंबर | Naxal Encounter Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा–बीजापुर सीमावर्ती इलाके में बुधवार सुबह से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच तेज मुठभेड़ जारी है। शुरुआती जानकारी में 5 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हुआ है। एक अन्य जवान घायल बताया गया है।
फोर्स के मुताबिक, घना जंगल अभी भी पूरी तरह शांत नहीं है और कई बार फायरिंग दोबारा शुरू हो जाती है, जिससे हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
DRG-STF-कोबरा की संयुक्त टीम पर घात से हमला
जानकारी के अनुसार, DRG, STF और कोबरा की संयुक्त टुकड़ी वेस्ट बस्तर डिवीजन की ओर Search Operation के लिए निकली थी। टीम को अंदेशा नहीं था कि घात लगाकर बड़ी संख्या में नक्सली पहले से जंगल में मौजूद हैं।
जैसे ही जवान आगे बढ़े, घने पेड़ों के बीच से अचानक गोलियों की बौछार शुरू हुई। जवाब में बलों ने मोर्चा संभाला और इलाके को कवर करते हुए पलटवार किया।
Naxal Encounter Chhattisgarh: हिड़मा के मारे जाने के 16 दिन बाद बड़ी भिड़ंत
इस मुठभेड़ का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि 16 दिन पहले ही देश के मोस्ट-वॉन्टेड नक्सली कमांडर हिड़मा (Operation Hidma End) को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था।
18 नवंबर को आंध्र–छत्तीसगढ़ बॉर्डर के मरेडमिल्ली जंगल में हुए ऑपरेशन में हिड़मा के साथ उसकी पत्नी राजे और चार अन्य नक्सली मारे गए थे।
बताया जाता है कि सीमा क्षेत्र में जारी यह खोज अभियान उसी बड़े ऑपरेशन का विस्तार है।
हिड़मा: दो दशक में 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, 2010 के दंतेवाड़ा में हुए 76 जवानों की हत्या से लेकर 2013 की झीरम घाटी वारदात और 2021 के सुकमा-बीजापुर हमले तक—इन सभी हमलों की रणनीति में हिड़मा की भूमिका रही।
हिड़मा की मौत के बाद नक्सली संगठन बिखरा है, लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि संगठन का एक हिस्सा बदले की मंशा से सक्रिय है।
Naxal Encounter Chhattisgarh: नक्सली कमांडर की पत्नी भी थी संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी
हिड़मा की पत्नी राजे उर्फ रजक्का संगठन में कई उच्च स्तरों पर सक्रिय रही। साल 1994-95 में बाल संगठन से शुरुआत करते हुए वह एरिया कमेटी से लेकर BNPC बटालियन पार्टी कमेटी मेंबर तक पहुंच गई थी।
बताया जाता है कि हिड़मा के बाद भी वह कई रणनीतिक बैठकों में शामिल रहती थी।
वर्तमान मुठभेड़ में सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति और सतर्कता
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, वर्तमान Naxal Encounter Chhattisgarh में फोर्स को स्पष्ट इनपुट मिला था कि वेस्ट बस्तर डिवीजन में 20–25 सदस्यीय नक्सली समूह एक्टिव है।
फोर्स जंगल को सेक्टर-वाइज कवर कर रही है और घायल जवान को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा चुका है।


