सीजी भास्कर 4 दिसम्बर रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर–दंतेवाड़ा सीमा पर बुधवार को हुई भीषण मुठभेड़ के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीन शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है और नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में लगातार निर्णायक सफलता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पूरा “Anti-Naxal Operation Chhattisgarh” आत्मविश्वास और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
अभियान पर मुख्यमंत्री का बयान—लगातार बेहतर परिणाम
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के लिए रवाना होने से पहले सीएम ने बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे बड़े ऑपरेशन में 15 से अधिक नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने की पुष्टि हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि मुठभेड़ कठिन थी और साहसपूर्वक लड़ते हुए तीन जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। सरकार की प्राथमिकता है कि इस पूरे अभियान को और मजबूत किया जाए ताकि क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके।
Anti-Naxal Operation Chhattisgarh : मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम—सीमा क्षेत्र में घंटों चली भिड़ंत
बुधवार की सुबह बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा के पास पीएलजीए बटालियन नंबर 3 के नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ, डीआरजी, सीआरपीएफ और कोबरा यूनिट की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाला।
करीब घंटों चली इस भिड़ंत में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया, जबकि बीजापुर DRG के तीन जवान वीरगति को प्राप्त हुए। यह मुठभेड़ शुरुआत से ही एक चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन बताई जा रही है।
अभियान की रणनीति—जॉइंट ऑपरेशन से बढ़ी सफलता
जांच सूत्रों के अनुसार, बीजापुर–दंतेवाड़ा का यह बॉर्डर एरिया लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का प्रमुख ठिकाना रहा है। इसीलिए बलों को जॉइंट फोर्स के रूप में तैनात किया गया था।
यही वजह है कि इस बार Joint Anti-Naxal Strategy के तहत बड़े पैमाने पर मुठभेड़ में सफलता मिली और नक्सलियों का भारी नुकसान हुआ।
सीएम का संकल्प—नक्सलवाद के खात्मे तक जारी रहेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार और सुरक्षा बलों का लक्ष्य स्पष्ट है—क्षेत्र को नक्सली प्रभाव से मुक्त करना।
उन्होंने कहा, “हम अपने शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे… ऑपरेशन जारी रहेगा और इसे और तेज किया जाएगा।”



