सीजी भास्कर 8 दिसम्बर , राजनांदगांव। Illegal Paddy Stock Check : धान खरीदी के इस सीजन में प्रशासन की कड़ी निगरानी ने कई समितियों में छिपी गतिविधियों को उजागर कर दिया है। पहले सत्यापन सिर्फ खरीदी समाप्त होने के आखिरी दौर में होता था, मगर इस बार कार्यप्रणाली को बदला गया है। खरीदी के साथ ही स्टॉक चेक शुरू होते ही कई केंद्रों में छिपाया गया धान सामने आने लगा है, जिससे कोचियों और गड़बड़ी करने वालों की चिंता बढ़ गई है।
खरीदी सिस्टम में बड़े बदलाव
इस बार प्रशासन ने उड़नदस्ता टीम को पूरी तरह डेटा-आधारित निगरानी से जोड़ा है। जैसे ही किसी केंद्र में आंकड़ों का मिलान संदिग्ध लगता है, टीम को तुरंत अलर्ट कर दिया जाता है। इसके बाद मौके पर जाकर स्टैक की गणना की जाती है।
जहाँ भी ऑनलाइन रिकॉर्ड से अधिक धान मिलता है, उसे सीधा जब्त कर लिया जाता है।
इस पद्धति ने कई समितियों में लंबे समय से चली आ रही गड़बड़ियों को रोकने की दिशा में बड़ा असर दिखाया है।
सैकड़ों क्विंटल का अवैध डंप बरामद
संयुक्त जांच दल के लगातार केंद्रों में पहुँचने से घुमका, तुमड़ीबोड़ और पटेवा जैसे क्षेत्रों में अब तक सैकड़ों क्विंटल अवैध धान पकड़ा गया है।
इन स्टॉक्स की कीमत लाखों में है, और सबसे अहम बात—इन पर किसी किसान ने कोई दावा नहीं किया।
यह साफ दिखाता है कि समितियों में लंबे समय से ‘अंदरूनी खपत’ का खेल चल रहा था, जो अब प्रशासन की सख्ती से टूट रहा है।
अब तक 19248 क्विंटल धान जब्त
प्रशासनिक रिकॉर्ड बता रहे हैं कि खरीदी शुरू होने के बाद से अब तक 157 मामलों में करीब 19248 क्विंटल धान बरामद किया जा चुका है।
सबसे बड़ी खेप घुमका और तुमड़ीबोड़ के केंद्रों से निकली है।
बरामद स्टॉक की अनुमानित राशि लगभग छह करोड़ रुपये के आसपास है।
यह आँकड़ा दिखाता है कि जिले में अवैध स्टॉकिंग कितने बड़े पैमाने पर की जा रही थी।
पुराने रिकॉर्ड से चिन्हित संवेदनशील केंद्र
खरीदी शुरू होने से पहले समितियों के पुराने रिकॉर्ड को खंगाला गया था।
इसके आधार पर लगभग 96 केंद्रों में से 25 को ‘संवेदनशील’ मार्क किया गया है।
इन केंद्रों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे प्रबंधक और कर्मचारियों में भी सख्त अनुशासन का माहौल बना हुआ है।
इस कदम से कई जगहों पर गड़बड़ी शुरू होने से पहले ही रोकी जा सकी है।


