सीजी भास्कर, 13 दिसंबर | Olympic Gold Reward Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में साय सरकार के दो साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रिपरिषद के साथ राज्य के कामकाज का विस्तृत लेखा-जोखा सामने रखा। इस दौरान नक्सल नीति, खेल प्रोत्साहन, उद्योग, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की गई, जिनका सीधा असर जमीन पर दिखने की बात कही गई।
पुनर्वास नीति में बड़ा बदलाव, इनाम अब सरेंडर करने वाले को
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नक्सल पुनर्वास नीति में ऐतिहासिक संशोधन किया गया है। अब आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को केवल जमीन ही नहीं, बल्कि उनके ऊपर घोषित पूरा इनाम भी दिया जाएगा। पहले यह राशि सरकारी खाते में चली जाती थी, लेकिन अब यह लाभ सीधे सरेंडर करने वाले व्यक्ति को मिलेगा, जिससे मुख्यधारा में लौटने की प्रक्रिया आसान होगी।
खेल नीति में बड़ा दांव, ओलिंपिक गोल्ड पर 3 करोड़
खेल जगत के लिए सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ सरकार 3 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य के युवा खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
विकास पर आधारित पुस्तक का विमोचन, स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक केवल हिंदी तक सीमित नहीं रखी गई, बल्कि इसे गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में भी प्रकाशित किया गया है, ताकि योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचे।
विधानसभा बहिष्कार पर सियासी तंज, विपक्ष पर सवाल
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्ष द्वारा बहिष्कार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार चुनावी हार के बाद यह उनका राजनीतिक निर्णय है। सरकार मजबूत विपक्ष में विश्वास रखती है, लेकिन लोकतंत्र में निर्णय लेने का अधिकार सभी को है।
बस्तर में स्थानीय कारोबार को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में उद्योगों के लिए भूमि आवंटन में स्थानीय कारोबारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। जो उद्योग स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगे, उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का दावा है कि नई औद्योगिक नीति को देश और विदेश से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
पीएससी मामले में जांच जारी, भरोसा लौटा
पीएससी से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। हालिया परीक्षाओं के शांतिपूर्ण संचालन और चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव से यह संकेत मिलता है कि व्यवस्था में भरोसा लौट रहा है।
होम-स्टे और ईको-टूरिज्म को मिली रफ्तार
पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होम-स्टे पॉलिसी और ईको-टूरिज्म पर तेजी से काम शुरू हुआ है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को पर्यटन से सीधे जोड़ने की रणनीति पर सरकार आगे बढ़ रही है।
माओवाद कमजोर, सुरक्षा कैंप बने आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद लंबे समय तक विकास में बाधा रहा, लेकिन अब इसका प्रभाव लगातार कम हो रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत स्थापित 69 सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सेवाओं के केंद्र बनते जा रहे हैं।
बस्तर ओलिंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों से बदली छवि
बस्तर ओलिंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने क्षेत्र की पहचान को नए सिरे से स्थापित किया है। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से युवाओं को पर्यटन, आईटी, ऑटोमोबाइल और पायलट ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है।






