सीजी भास्कर, 06 जून। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम आगजनी से सरकार को लगभग 25 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। मामले में एक ओर जहां बीजापुर वनमंडलाधिकारी को रायपुर में अटैच किया गया है, वहीं दूसरी ओर एक वन रक्षक कामेश्वर एनका को निलंबित किया गया है। निलंबित वन रक्षक ने विभागीय अधिकारी को दिए आवेदन में अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निलंबन आदेश पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। (Tendupatta arson case)
निलंबित वन रक्षक कामेश्वर एनका ने उपनिदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व को लिखे पत्र में बताया कि 19 मई को डीएफओ द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मोहम्मद अताउर रहमान के गोदाम में संग्रहित तेंदूपत्ता लॉटों का भण्डारण के लिए उसे गोदाम सहायक नियुक्त किया गया था। लेकिन जहाँ डयूटी लगी थी, वहाँ एक भी गाड़ी नहीं आने के कारण उसे मौखिक आदेश के जरिए हर ब्लॉक में भेज दिया जाता था। जिस दिन गोदाम में आग (Tendupatta arson case) लगी थी, मैं वहाँ स्वयं मौजूद था। आग लगने पर बुझाने का भरपूर प्रयास किया, परन्तु बहुत ज्यादा फैलने के चलते आग पर काबू नही पाया गया।
वन रक्षक ने बताया कि आगजनी (Tendupatta arson case)के दौरान गोदाम प्रभारी दीनानाथ गोसाईं हमारी सहायता करने के बजाय खुद की गाड़ी को निकालने में लगे हुए थे। वहीं घटना के दौरान गोदाम के नियंत्रणकर्ता अधिकारी भी मौजूद नहीं थे। मैने गोदाम में आगजनी के पश्चात ईमानदारी से आग बुझाने का प्रयास किया। इस लिहाज से मेरी निलबंन पर पुनर्विचार करें, अन्यथा न्यायालय का शरण लेने के लिए बाध्य होउंगा।



