सीजी भास्कर, 18 सितंबर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग (Chhattisgarh Education Meeting) की समीक्षा बैठक आज मंत्रालय, महानदी भवन में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी वर्षों की ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पाठ्यपुस्तक, गणवेश और सायकल वितरण सुनिश्चित करें
बैठक में मंत्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने मॉडल स्कूल (Chhattisgarh Education Meeting) स्थापित किए जाएंगे। मॉडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि डीएवी, इग्नाइट और पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्री यादव ने भवन विहीन स्कूलों और भवन की आवश्यकता वाले विद्यालयों की जानकारी ली और अधिकारियों से कहा कि जहां भी जरूरत है वहां प्राथमिकता से कार्य हो। डिस्मेन्टल योग्य भवनों का शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने लघु मरम्मत और शौचालय मरम्मत कार्यों को भी समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य शिक्षा गुणवत्ता (Chhattisgarh Education Meeting) के अनुरूप हों।
मंत्री यादव ने कहा कि नए शिक्षा सत्र शुरू होते ही निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश और सायकल का वितरण विद्यार्थियों तक पहुँच जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला शिक्षा अधिकारी आर पी मिरे को शो कॉज नोटिस देने के निर्देश दिए। बैठक (Chhattisgarh Education Meeting) में यह भी तय किया गया कि 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए प्रारंभ से ही विशेष प्रयास किए जाएं।
मंत्री यादव ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन के लिए भटकना न पड़े। सभी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक नवंबर तक अपडेट की जाए। मृतक कर्मचारियों के आश्रितों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर लाभ दिया जाए। उन्होंने छात्रवृत्ति योजनाओं, पीएम ई-विद्या चैनल और दीक्षा पोर्टल (Chhattisgarh Education Meeting) के प्रचार-प्रसार को भी गति देने पर बल दिया। साथ ही नई शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया, जिससे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और मजबूत हो सके।



