सीजी भास्कर, 17 दिसंबर। शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) के दौरान विपक्ष ने कई चीजों को लेकर संसद परिसर में अपनी आवाज बुलंद की है। अब इसमें नेशलन हेराल्ड केस का भी मुद्दा जुड़ गया है। बुधवार (17 दिसंबर) को विपक्षी नेताओं की आंखों में आक्रोश की लहर देखने को मिली।
उन्होंने अपने-अपने हाथ में बैनर पकड़ कर जोरदार नारेबाजी की। दरअसल, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर सोनिया गांधी औ राहुल गांधी को बड़ी राहत दी थी।
‘मोदी सरकार इस्तीफा दो’
संसद परिसर विपक्ष (Parliament Winter Session) के नारों से गूंज उठा। नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी सरकार से इस्तीफा देने की मांग की और खूब नारे लगाए।
विपक्ष ने क्यों उठाई सरकार के खिलाफ आवाज
मालूम हो कि, अदालत ने कल ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से यह बोल कर इनकार किर दिया कि एफआईआर के बिना मनी लॉन्ड्रिंग की जांच और अभियोजन (Prosecution) कानून के खिलाफ है। इसका मतलब यह कि अपराध में पहले उचित एफआईआर का दर्ज होना जरूरी है। आपको बता दें कि, PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के प्रावधान (Provisions) इस बात पर जोर डालते हैं कि अपराध में FIR दर्ज होने के बाद ही ED को जांच शुरू करनी चाहिए।
अदालत का मानना है कि इस केस में सीबीआई ने FIR दर्ज नहीं कई है। वहीं, ED ने बिना FIR के ही ECIR दर्ज कर जांच-पड़ता तेज कर दी। यही कानून की नजरों में वैध नहीं है। एफआईआर दर्ज न होने के बाद भी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जांच-पड़ताल करने को लेकर विपक्ष नाराज है। यही वजह है कि वह सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन की मदद ली है।


