सीजी भास्कर, 21 दिसंबर। अकलतरा के जांजगीर मोड़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में दिनदहाड़े पंजाब नेशनल बैंक एटीएम (PNB ATM Robbery) की घटना हुई, जिसमें 57,000 रुपये की लूट हुई। घटना दोपहर लगभग 12 बजे उस समय घटित हुई जब बैंक की दो महिला कर्मचारी सुरक्षा गार्ड के साथ एटीएम में नकद जमा करने गई थीं।
महिला कर्मचारियों ने एटीएम का शटर खुला रखा और रुपये डालना शुरू किया। इसी दौरान तीन अज्ञात लुटेरे पहुंचे और बैंक कर्मियों पर बंदूक अड़ाकर नकद लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान सुरक्षा गार्ड एटीएम से दूर बैठा हुआ था।
लूट की सूचना तुरंत बैंक मैनेजर को दी गई, जिन्होंने अकलतरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि, प्रारंभ में बैंक मैनेजर ने इस घटना को छिपाने का प्रयास किया। मामले को बढ़ता देख उन्होंने घटना को स्वीकार कर पुलिस को जानकारी दी।
अकलतरा पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि अब तक आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष गश्ती दल को सक्रिय किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह घटना सुरक्षा में चूक का उदाहरण है और भविष्य में एटीएम में शटर बंद रखने, सुरक्षा गार्ड की उपस्थिति सुनिश्चित करने और नकद जमा करने के नियम कड़ाई से लागू किए जाएंगे।
इस पंजाब नेशनल बैंक एटीएम (PNB ATM Robbery) ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बैंक कर्मियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की कड़ाई से निगरानी होगी।
साथ ही अपराधियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों का फोकस किया जा रहा है। बैंक और पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना उचित सुरक्षा व्यवस्था के सार्वजनिक और बैंकिंग स्थान सुरक्षित नहीं रह सकते।
घटना को लेकर सवालों में बैंक प्रबंधन
जानकारी के अनुसार, बैंक मैनेजर ने शुरू में घटना को छिपाने की कोशिश की। जब पुलिस की ओर से जांच शुरू हुई और मामला तूल पकड़ने लगा, तब मैनेजर ने घटना को स्वीकार किया और अकलतरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि लुटेरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का सर्वे किया और आसपास के दुकानदारों व राहगीरों से पूछताछ की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद बैंक प्रबंधन ने शुरू में मामले को दबाने की कोशिश की। जब पुलिस स्तर पर हलचल बढ़ी और जानकारी सार्वजनिक होने लगी, तब जाकर एटीएम में लूट की पुष्टि की गई। इस लापरवाही ने बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


