सीजी भास्कर, 24 दिसंबर। जिला प्रशासन के कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया (Biometric Attendance Government) जा रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से जिले के सभी विभागों में ई-ऑफिस सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही इसी तिथि से बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम भी प्रभावी हो जाएगा।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक के दौरान विभागवार लंबित समय-सीमा प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों का निराकरण हो चुका है, उनकी फाइलें प्रस्तुत कर समीक्षा सूची से हटाया जाए, ताकि अनावश्यक लंबित मामलों की संख्या कम हो सके।
ई-ऑफिस से होंगे शासकीय कामकाज और अधिक पारदर्शी
बैठक में कलेक्टर ने ई-ऑफिस सिस्टम को लेकर शासन के मार्गदर्शी निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शासकीय कार्यों को सरल, प्रभावी, उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिले स्तर पर ई-ऑफिस प्रणाली (Biometric Attendance Government) शुरू की जा रही है। इसके तहत धीरे-धीरे विभागों की पुरानी फाइलों को भी डिजिटल स्वरूप में ई-ऑफिस सिस्टम में कन्वर्ट किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कलेक्ट्रेट भवन और परिसर स्थित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एनआईसी (NIC) के माध्यम से बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए समय रहते पंजीयन कराएं, ताकि 1 जनवरी से किसी तरह की तकनीकी बाधा न आए।
समितियों के गठन और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
कलेक्टर ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा गठित की जाने वाली जिला स्तरीय समितियों की जानकारी शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वन विभाग, महिला एवं बाल विकास, जिला एवं जनपद पंचायत, खाद्य नागरिक आपूर्ति, श्रम, कृषि, आयुर्वेद, पशु चिकित्सा सेवाएं, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, राजस्व, जिला चिकित्सालय, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और जेल विभाग से समिति गठन की प्रक्रिया अपेक्षित है।
इसके अलावा बैठक में—
जिले में चिन्हित वेटलैंड्स की जानकारी ली गई।
वन भूमि व्यवपर्तन के प्रकरणों को शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
सभी एसडीएम को 400 केवी डबल सर्किट पावरग्रिड से प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि शीघ्र वितरित करने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों के मैंडेटरी बायो अपडेट, जाति प्रमाण पत्र आवेदन और सिकलीन चिन्हांकन की स्थिति की समीक्षा की गई।
जिन राशन कार्डों की केवाईसी नहीं हुई है, उन पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश खाद्य नियंत्रक को दिए गए।
जनदर्शन और योजनाओं के लंबित प्रकरणों पर भी फोकस
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजी पोर्टल और कलेक्टर जनदर्शन से जुड़े लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण (Biometric Attendance Government) किया जाए।
इसके अलावा विभागों में संचालित योजनाओं के लिए एक योजना–एक बैंक खाता की जानकारी भी मांगी गई। निर्माण कार्य एजेंसियों को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एडीएम अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंह एवं योगिता देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त डी. राजपूत, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और जिले के समस्त विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।


