कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने वह मुकाम छू लिया है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक मुश्किल लग रही थी। वायदा कारोबार में चांदी की कीमत 2.42 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गई है। बीते एक सप्ताह के भीतर ही दामों में तेज़ी इतनी रही कि निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान पूरी तरह चांदी पर टिक गया है। जानकार इसे (Silver Price Record High) का निर्णायक चरण मान रहे हैं।
गहनों से निकलकर उद्योगों की रीढ़ बनी चांदी
अब चांदी सिर्फ आभूषण तक सीमित नहीं रह गई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। औद्योगिक उपयोग में आई इस तेजी ने चांदी को रणनीतिक धातु बना दिया है, जिससे (Industrial Silver Demand) लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।
सप्लाई चेन की कमजोरी ने बढ़ाया दबाव
दूसरी ओर, खदानों से होने वाली सप्लाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं रह पाई है। कई देशों में उत्पादन में रुकावट, लागत में बढ़ोतरी और पर्यावरणीय प्रतिबंधों ने चांदी की उपलब्धता को सीमित कर दिया है। मांग और सप्लाई के इसी असंतुलन ने कीमतों को और ऊपर धकेलने का काम किया है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
निवेशकों के लिए बना मल्टीबैगर एसेट
साल 2025 चांदी निवेशकों के लिए बेहद खास साबित हुआ है। जहां 2024 के अंत में चांदी का भाव 90 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास था, वहीं अब यह कई गुना छलांग लगाकर 2.42 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इस दौरान चांदी ने ऐसे रिटर्न दिए हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल है। विशेषज्ञ मानते हैं कि (Silver Investment Trend) ने पोर्टफोलियो रणनीतियों को भी बदल दिया है।
ग्लोबल संकेत भी तेजी के पक्ष में
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चांदी की चाल मजबूत बनी हुई है। डॉलर में कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने कीमतों को सहारा दिया है। आने वाले समय में इंडस्ट्रियल जरूरतें और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर फोकस बढ़ने से चांदी के दामों में और तेजी की संभावना जताई जा रही है।
आगे क्या कहते हैं संकेत
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा ट्रेंड बरकरार रहता है, तो अगले एक-दो साल में चांदी वैश्विक स्तर पर नए रिकॉर्ड बना सकती है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि तेजी के दौर में मुनाफावसूली भी अचानक तेज हो सकती है।


