Bhilai Youth Morcha Protest : भिलाई में शनिवार को राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन सुपेला घड़ी चौक पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में युवा और महिला कार्यकर्ता एकत्र हुए और नारेबाजी के साथ विरोध दर्ज कराया।
साधु-संतों पर टिप्पणी को लेकर नाराजगी
युवा मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा साधु-संतों और सनातन परंपरा को लेकर की गई टिप्पणियों से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के विरोध में यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि आस्था से जुड़े विषयों पर की गई असंयमित बयानबाजी को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिला नेतृत्व ने जताई कड़ी आपत्ति
युवा मोर्चा जिला महामंत्री विनय सेन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक मर्यादाओं का भी उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान संत परंपरा और धार्मिक मूल्यों से जुड़ी रही है, ऐसे में सार्वजनिक मंचों से की गई टिप्पणियां समाज को बांटने का काम करती हैं।
धार्मिक मुद्दों के राजनीतिकरण पर सवाल
प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक विषयों को राजनीतिक चश्मे से देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संतों और महात्माओं पर बिना प्रमाण टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी खतरा बन सकता है।

महिला मोर्चा की भी रही सक्रिय भागीदारी
प्रदर्शन में महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष स्वीटी कौशिक सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। महिला मोर्चा ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिलोचन सिंह, प्रवक्ता विजय सिंह, आकाश ठाकुर, विशालदीप नायर सहित मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने प्रदर्शन को और प्रभावशाली बना दिया।

चेतावनी के साथ समाप्त हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन के अंत में युवा मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी धार्मिक आस्थाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए गए, तो विरोध और तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन अपने तेवर साफ रखे।



