सीजी भास्कर, 30 दिसंबर | Radhika Khera Statement Controversy: कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं राधिका खेड़ा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी पर की गई टिप्पणी सामान्य राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान पर सीधा प्रहार है।
निजी टिप्पणी पर सख्त आपत्ति
राधिका खेड़ा ने मंच से किसी जनप्रतिनिधि की पत्नी को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में आलोचना नीतियों और फैसलों तक सीमित रहनी चाहिए, निजी जीवन तक नहीं। उन्होंने इस बयान को सोच-समझकर दिया गया वक्तव्य करार दिया।
सत्ता से बाहर, भाषा में तल्खी
राधिका खेड़ा ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कुछ नेताओं की भाषा और सोच खुलकर सामने आ रही है। उनके अनुसार, इस तरह के वक्तव्य यह दिखाते हैं कि राजनीतिक असहमति के नाम पर महिलाओं को घसीटना कितना आसान बना दिया गया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसी भी मंच से महिला पर निजी टिप्पणी न तो मज़ाक हो सकती है, न ही राजनीतिक व्यंग्य। यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ जाती है और समाज में गलत संदेश देती है।
वीडियो को लेकर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि यह मामला बिलासपुर में दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जहां गार्डन निर्माण को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी का उल्लेख किया गया था। इसी संदर्भ को लेकर विवाद गहराया और प्रतिक्रिया सामने आई।
पहले भी उठा चुकी हैं मुद्दे
यह पहला मौका नहीं है जब राधिका खेड़ा ने पूर्व मुख्यमंत्री पर सवाल खड़े किए हों। इससे पहले भी वे प्रशासनिक और कारोबारी संबंधों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग कर चुकी हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता सबसे अहम है।
राजनीतिक सफर की पृष्ठभूमि
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान राधिका खेड़ा ने भाजपा का दामन थामा था। राजनीति के साथ-साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियों में सक्रिय रहीं राधिका, मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर मुखर आवाज़ के तौर पर जानी जाती हैं।
बयान नहीं, सोच पर सवाल
पूरे प्रकरण को लेकर राधिका खेड़ा का जोर इस बात पर है कि मुद्दा किसी एक बयान का नहीं, बल्कि उस सोच का है जो महिलाओं को राजनीतिक बहस का औजार बना देती है। उनका कहना है कि स्वस्थ राजनीति वही है, जहां सम्मान और मर्यादा बनी रहे।





