सीजी भास्कर, 1 जनवरी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 (Industrial Development Policy Chhattisgarh) में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट और निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे छत्तीसगढ़ में औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों के सृजन की संभावनाएं और अधिक मजबूत हुई हैं।
मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी और गुणवत्तापूर्ण रोजगार सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टिकोण के तहत ईपीएफ प्रतिपूर्ति और रोजगार सृजन अनुदान से जुड़े नए प्रावधान नीति में जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम, जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान का लाभ मिलेगा।
सेवा क्षेत्र के विस्तार को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स और ऐप-आधारित एग्रीगेटर सेवाओं के साथ NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी औद्योगिक विकास नीति के दायरे में शामिल किया है। इन संस्थानों को अब नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन और अनुदान प्रदान किए जाएंगे, जिससे सेवा क्षेत्र में निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन और स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पांच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी तरह राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार होगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा यदि छत्तीसगढ़ में परिसर स्थापित किया जाता है, तो उन्हें औद्योगिक विकास नीति 2024–30 (Industrial Development Policy Chhattisgarh) के तहत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे राज्य में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को बाहर जाने के बजाय राज्य में ही बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध होंगे।
मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग और सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होने और औद्योगिक विकास की गति को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।


