सीजी भास्कर, 2 जनवरी। रायगढ़ जिले के तमनार तहसील के गारे पेलमा-1 कोयला खदान के लिए आयोजित जनसुनवाई के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान महिला आरक्षक के साथ की गई बर्बरता (Tamanar Kand Violence) ने पूरे जिले को शर्मसार कर दिया है। 27 दिसंबर को धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद सामने आए एक वीडियो ने इस अमानवीय कृत्य की भयावह तस्वीर उजागर कर दी।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था में तैनात महिला आरक्षक के साथ बदसलूकी करते हुए न केवल मारपीट की, बल्कि उसकी वर्दी फाड़कर अर्धनग्न कर दिया। इस घटना को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है।
दरअसल, 8 दिसंबर को आयोजित जनसुनवाई को ग्रामीणों ने फर्जी बताते हुए अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद 14 प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने आंदोलन का ऐलान करते हुए लिबरा सीएचपी चौक पर धरना शुरू कर दिया। 27 दिसंबर को धरने के दौरान स्थिति अचानक बेकाबू हो गई और पुलिस तथा आंदोलनकारियों के बीच झड़प हो गई।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मारपीट और आगजनी की। पुलिस वाहनों सहित अन्य गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इतना ही नहीं, जिंदल प्लांट में घुसकर कोल हैंडलिंग क्षेत्र में भी आगजनी की गई। कानून व्यवस्था संभालने के लिए तैनात महिला आरक्षक को कुछ लोगों ने दौड़ाकर पीटा। जान बचाने के लिए भागते समय वह खेत में गिर गई, जहां उसके साथ अमानवीय कृत्य किया गया। पीड़िता हाथ जोड़कर माफी मांगती रही, रोती रही, लेकिन आरोपितों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वे गालियां देते रहे।
इस घटना के दौरान क्षेत्र की महिला थाना प्रभारी कमला पुसाम सहित कई पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए। शर्मनाक पहलू यह भी रहा कि कुछ प्रदर्शनकारी इस पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे, जो बाद में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ।
पुलिस ने प्रसारित वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के खिलाफ शील भंग (महिला आरक्षक से बदसलूकी), हत्या का प्रयास (जानलेवा हमला) और लूट (वर्दी व सामान छीनने का प्रयास) जैसी गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
महिला आरक्षक से बर्बरता ने हिला दिया जिला
27 दिसंबर को तमनार क्षेत्र में जनसुनवाई विरोध के दौरान महिला आरक्षक के साथ की गई मारपीट और अमानवीय कृत्य ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो (Tamanar Kand Violence) के आधार पर सभी आरोपितों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।


