सीजी भास्कर, 3 जनवरी। रायगढ़ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी (Raigarh Paddy Procurement Lapses) कार्य में पारदर्शिता और शासन निर्देशों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। विभिन्न धान खरीदी केंद्रों के निरीक्षण एवं जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन से दोषी समिति प्रबंधक एवं सहायकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है।
सहकारिता विभाग द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई समितियों में शासन द्वारा निर्धारित ढाला पद्धति (धान परीक्षण, प्रक्रिया, पारदर्शिता) से धान परीक्षण नहीं किया जा रहा था। किसानों द्वारा बोरे में लाए गए धान को बिना परीक्षण सीधे शासकीय बोरों में भरकर तौल किया जा रहा था। इसके साथ ही धान खरीदी में अनियमितता और उदासीनता (धान खरीदी लापरवाही, रायगढ़, सस्पेंड) जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आईं।
वित्तीय प्रभार समाप्त
उप आयुक्त सहकारिता विभाग ने बताया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जमरगीडी (पं.क्र. 1553) के सहायक समिति प्रबंधक और धान खरीदी प्रभारी दीनबंधु पटेल (सहायक प्रबंधक, वित्तीय प्रभार, धान खरीदी) बार-बार शासन निर्देशों की अवहेलना कर मनमाने ढंग से धान खरीदी कर रहे थे। कारण बताओ सूचना पत्र का संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न करने पर उनका वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया।
इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कापू (पं.क्र. 48) के सहायक समिति प्रबंधक श्यामनारायण दुबे (सहायक प्रबंधक, वित्तीय प्रभार, धान खरीदी) द्वारा भी धान खरीदी में लापरवाही बरती गई। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उनका भी वित्तीय प्रभार समाप्त कर दिया गया।
तत्काल किया गया निलंबित
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित छाल (पं.क्र. 615) के सहायक समिति प्रबंधक ठण्डाराम बेहरा (सहायक प्रबंधक, निलंबन, सस्पेंड) और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोड़ासिया (पं.क्र. 833) के समिति प्रबंधक एवं फड़ प्रभारी प्रहलाद बेहरा (समिति प्रबंधक, निलंबन, सस्पेंड) को गंभीर लापरवाही और कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब न देने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended, धान खरीदी) किया गया।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित खड़गांव (पं.क्र. 180) में धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी के खिलाफ गाली-गलौच और धमकी की शिकायत जांच में सही पाई गई। सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया (सहायक प्रबंधक, निलंबन, सस्पेंड) द्वारा भी धान खरीदी में गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended, धान खरीदी) किया गया।
प्रशासनिक दिशा निर्देश
छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) के अनुसार 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक संपूर्ण धान खरीदी अवधि में धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों पर आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) लागू है। जिला प्रशासन ने सभी समितियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया (धान प्रक्रिया, पारदर्शिता, रायगढ़) के अनुरूप किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शासन की योजनाओं का लाभ सही रूप में हितग्राहियों तक पहुंचे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी में कोई भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण धान उपार्जन का लाभ मिलेगा और सभी समितियों में सख्त निगरानी (धान खरीदी, लापरवाही, निलंबन) की जाएगी।


