सीजी भास्कर 6 जनवरी। छत्तीसगढ़ के शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बिलासपुर के भविष्य को लेकर एक अहम बैठक (Chhattisgarh Cmart City Plan) कर रहे हैं, जिसमें शहर की मौजूदा जरूरतों, आधारभूत ढांचे और आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं पर विस्तार से मंथन किया जा रहा है। इस बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, ताकि बिलासपुर के लिए एक ठोस और व्यवहारिक विकास प्लान तैयार किया जा सके।
शहरों पर बढ़ता दबाव, साझा जिम्मेदारी पर जोर
बैठक से पहले केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों पर बात रखते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बेहतर शिक्षा और रोजगार की तलाश में शहरों की ओर आ रहे हैं। इसके चलते शहरों में सड़कों, पानी, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने साफ किया कि इन समस्याओं से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।
देशभर में 18 शहरों को मिलेगा नया रूप
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इंदौर की तर्ज पर देश के 18 शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना (Chhattisgarh Cmart City Plan) बनाई गई है। इस पहल के तहत स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर ट्रैफिक सिस्टम, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। इसी क्रम में बिलासपुर को भी सिटी 2.0 योजना में शामिल किया गया है।
क्या है सिटी 2.0 की खासियत?
सिटी 2.0 योजना का मकसद केवल शहरों का विस्तार नहीं, बल्कि उन्हें रहने योग्य, सुविधाजनक और रोजगार के लिहाज से मजबूत बनाना है। बिलासपुर में इस योजना के तहत सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, जलापूर्ति को मजबूत करना, सार्वजनिक पार्कों का विकास, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
रोजगार और जीवन स्तर सुधारने पर रहेगा जोर
सरकार की योजना के अनुसार, बिलासपुर को स्मार्ट शहर के रूप में विकसित कर यहां उद्योग, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जाएंगे। इससे न सिर्फ स्थानीय युवाओं को रोजगार (Chhattisgarh Cmart City Plan) मिलेगा, बल्कि शहर का समग्र जीवन स्तर भी बेहतर होगा। आने वाले समय में इस योजना को चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने की तैयारी की जा रही है।




