सीजी भास्कर, 7 जनवरी। अबूझमाड़ की सुबह अब सिर्फ जंगलों की नमी और पहाड़ियों की खामोशी से नहीं खुलती, बल्कि हजारों धड़कनों की रफ्तार से जागती है। घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और मावली माता की पावन भूमि के बीच आयोजित (Abujhmad Marathon) होने जा रही अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन का पंचम संस्करण 31 जनवरी को नारायणपुर में होगा।
इस अवसर पर बुधवार को सर्किट हाउस में मैराथन की आधिकारिक टी-शर्ट का विमोचन किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने एक नई पहचान का प्रतीक बताया।
टी-शर्ट विमोचन के दौरान केदार कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ सिर्फ भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की आत्मा है। खेल के माध्यम से यह इलाका आज शांति, आत्मविश्वास और विकास का संदेश दे रहा है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन बस्तर को लगातार पांचवीं बार राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
गांव-गांव में उत्सव का माहौल
कभी अलगाव और भय की पहचान रहा अबूझमाड़ आज उत्साह और उम्मीद की मिसाल बनता जा रहा है। मैराथन की तैयारी अब सिर्फ आयोजन स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों में इसे एक उत्सव की तरह (Abujhmad Marathon) देखा जा रहा है। स्थानीय युवा सुबह-सुबह अभ्यास करते नजर आते हैं, वहीं बुजुर्ग इसे क्षेत्र के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं। यह दौड़ नक्सल हिंसा से उबरते इलाके में शांति और खेल भावना की मजबूत आवाज बन चुकी है।
8 से 10 हजार धावकों की भागीदारी
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष 8 से 10 हजार धावकों के शामिल होने की संभावना है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कुछ विदेशी धावकों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। 15 लाख रुपये से अधिक की कुल पुरस्कार राशि वाली यह मैराथन स्थानीय युवाओं के लिए सपनों का मंच बन गई है। कई आदिवासी धावक, जो पहले सीमित संसाधनों में अभ्यास करते थे, आज इस दौड़ के जरिए अपनी पहचान देश-दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।
अबूझमाड़ की कहानी, कदमों के साथ
यह मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि अबूझमाड़ की बदलती कहानी है। हर धावक जब इस पथरीले और प्राकृतिक मार्ग पर दौड़ता है, तो वह अपने साथ इस अंचल की शांति, संघर्ष और उम्मीद की कहानी (Abujhmad Marathon) भी ले जाता है। आयोजन समिति का कहना है कि आने वाले वर्षों में इसे अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के बड़े मैराथन आयोजनों में शामिल करने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।


