सीजी भास्कर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार को लेकर एक नई बहस और नई उम्मीद दोनों ने एक साथ जन्म ले लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकसित भारत गारंटी के तहत शुरू (GRAM G Scheme) की गई रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी जी राम जी योजना को पूर्व से संचालित मनरेगा से कहीं अधिक प्रभावी बताते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी राहत का माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जहां पहले 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं अब 125 दिनों का सुनिश्चित काम मिलेगा। इससे ग्रामीण मजदूरों को न सिर्फ अधिक रोजगार मिलेगा, बल्कि आय में भी सीधा इजाफा होगा।
125 दिन का काम, एक हफ्ते में मजदूरी भुगतान
सीएम साय ने कहा कि जी राम जी योजना की सबसे बड़ी खासियत मजदूरी भुगतान की गारंटी है। इसमें यह तय किया गया है कि काम पूरा होने के बाद एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान (GRAM G Scheme) किया जाएगा।
यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है, तो मजदूरों को अतिरिक्त राशि देरी शुल्क के रूप में दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह प्रावधान ग्रामीण परिवारों के लिए भरोसे की सबसे बड़ी गारंटी है, जिससे उन्हें महीनों तक मजदूरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मनरेगा से बेहतर क्यों मानी जा रही है योजना
सीएम ने कहा कि मनरेगा अपने समय में एक अच्छा कानून था, लेकिन समय के साथ इसकी सीमाएं सामने आईं। जी राम जी योजना में न सिर्फ रोजगार के दिन बढ़ाए गए हैं, बल्कि काम की प्रकृति को भी अधिक उपयोगी बनाया गया है।
इस योजना के तहत जल संरक्षण, सड़क निर्माण, जलवायु अनुकूल ढांचे और बुनियादी ग्रामीण विकास कार्यों पर विशेष फोकस रहेगा, जिससे गांवों में स्थायी संपत्तियों का निर्माण हो सकेगा।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज
जी राम जी योजना को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना को दिखावटी बताते हुए कहा कि पहले मनरेगा का पूरा वित्तपोषण केंद्र सरकार करती थी, जबकि अब 40 फीसदी हिस्सेदारी राज्य सरकार की होगी। ऐसे में योजना के सुचारू संचालन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जब भी देशहित में कोई बड़ा फैसला लिया जाता है, कांग्रेस को बेचैनी होने लगती है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीणों के हित में है और इसे लेकर भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
क्या है जी राम जी योजना?
G RAM G (विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन, ग्रामीण) अधिनियम 2025 भारत की नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है, जो धीरे-धीरे MGNREGA का स्थान ले रही है।
इस योजना में प्रति परिवार 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार, बुनियादी ढांचे पर फोकस, पीएम गति शक्ति से जुड़ाव और मजबूत डिजिटल निगरानी व्यवस्था (GRAM G Scheme) शामिल है। साथ ही कृषि सीजन में 60 दिनों का कार्य विराम और मानकीकृत वित्तपोषण मॉडल जैसी नई व्यवस्थाएं भी इसमें जोड़ी गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक ग्रामीण आय सुरक्षा और विकास को नई दिशा दी जाए।
ग्रामीणों के लिए क्या बदलेगा?
जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीणों को अधिक काम, समय पर मजदूरी और गांव में ही विकास के अवसर मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह योजना केवल रोजगार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर गांवों की नींव बनेगी।




