सीजी भास्कर, 8 जनवरी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामले में जेल में बंद सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर बुधवार को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच में (Chhattisgarh Liquor Scam) से संबंधित इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने शासन को जवाब दाखिल करने के लिए गुरुवार तक का समय प्रदान किया है। अब इस मामले में आज भी विस्तृत बहस होने की संभावना है।
शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दूसरी बार गिरफ्तार की गई सौम्या चौरसिया वर्तमान में जेल में बंद हैं। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसी याचिका पर (Chhattisgarh Liquor Scam) के तहत सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और शासन के जवाब के बाद मामले को आगे बढ़ाने का संकेत दिया।
सुनवाई के दौरान एसीबी और ईओडब्ल्यू द्वारा जारी किए गए प्रोडक्शन वारंट के विषय पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में अधिवक्ताओं ने कानूनी पहलुओं पर विस्तार से तर्क रखे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ईओडब्ल्यू के प्रोडक्शन वारंट से जुड़े मामले में आठ जनवरी को अलग से सुनवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि (Chhattisgarh Liquor Scam) से जुड़े मामलों की सुनवाई 13 जनवरी से विशेष अदालत में प्रारंभ होने वाली है, जिससे इस पूरे प्रकरण में कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
ईडी की जांच के अनुसार, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला करीब 3,200 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है। ईडी ने इस मामले में एसीबी में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में यह सामने आया है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के माध्यम से इस (Chhattisgarh Liquor Scam) को अंजाम दिया गया। इस मामले में राजनेताओं, आबकारी अधिकारियों और कारोबारियों सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
इधर, चार्जशीट पेश किए जाने से पहले ईडी ने संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई को भी तेज कर दिया है। ईडी ने भाटिया वाइन, छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, वेलकम डिस्टलरी सहित कई कंपनियों और आबकारी अधिकारियों की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया है। दो दिनों तक चली इस कार्रवाई में शराब बनाने वाली तीन कंपनियों की लगभग 68 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई, जबकि तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास सहित 31 अधिकारियों की करीब 38 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। अब तक (Chhattisgarh Liquor Scam) में ईडी 382 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
ईडी ने इस प्रकरण में कई कंपनियों को आरोपी भी बनाया है, जिनमें छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, भाटिया वाइन मर्चेंट, वेलकम डिस्टलरी, अदीप एग्रोटेक प्रा.लि., पीटरसन बायो रिफाइनरी, ढिल्लन सिटी मॉल, टॉप सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी मैनेजमेंट, ओम साईं बेवरेज, दिशिता वेंचर्स प्रा.लि., नेक्सजेन इंजिटेक, एजेएस एग्रोट्रेड प्रा.लि., ढेबर बिल्डकॉन, प्राइम डेवलपर्स, इंडियन बिल्डकॉन और प्रिज्म होलोग्राफी शामिल हैं। आने वाले दिनों में (Chhattisgarh Liquor Scam) से जुड़े और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।




