सीजी भास्कर, 08 जनवरी। बॉलीवुड के सबसे सफल और भरोसेमंद निर्देशकों में शुमार रोहित शेट्टी ने हाल ही में ऐसा (Rohit Shetty Award Statement) बयान दिया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री के अवॉर्ड सिस्टम पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक्शन और कॉमेडी के जरिए बॉक्स ऑफिस पर लगातार हिट देने वाले रोहित शेट्टी ने स्वीकार किया कि 17 फिल्में डायरेक्ट करने और कई सुपरहिट देने के बावजूद उन्हें आज तक एक भी बड़ा फिल्म अवॉर्ड नहीं मिला है।
मीडिया से बातचीत के दौरान रोहित शेट्टी ने इस बात को बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, लेकिन उनके शब्दों में छिपा दर्द साफ महसूस किया जा सकता था। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उनका अवॉर्ड्स से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने बताया कि वह अवॉर्ड शोज़ में अक्सर सिर्फ होस्ट के तौर पर ही नजर आते हैं, न कि किसी कैटेगरी के नॉमिनी के रूप में।
रोहित शेट्टी के करियर की बात करें तो साल 2006 में रिलीज हुई Golmaal उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट (Rohit Shetty Award Statement) साबित हुई। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक हिट फिल्में दीं और 7 हिट व 4 ब्लॉकबस्टर फिल्मों का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके अलावा वह टीवी के सबसे लोकप्रिय स्टंट रियलिटी शो Khatron Ke Khiladi के लंबे समय से होस्ट भी हैं, जिससे उनकी पहचान घर-घर तक पहुंची।
इंडियन नेशनल सिने एकेडमी की एक प्रेस मीट के दौरान रोहित शेट्टी ने कहा,
“मैं पीछे खड़ा था और मुझे लगा कि मुझसे कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा। क्योंकि अवॉर्ड से मेरा कोई रिश्ता-नाता ही नहीं है। मैंने 17 फिल्में डायरेक्ट कर ली हैं, लेकिन अवॉर्ड फंक्शन में मैं सिर्फ होस्टिंग के लिए ही जाता हूं।” उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फैंस भी यह जानकर हैरान रह गए कि इतना सफल निर्देशक आज तक अवॉर्ड से दूर रहा है।
इसी बातचीत में रोहित शेट्टी ने सिनेमा में चल रही नॉर्थ-साउथ बहस पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह बहस कोई नई (Rohit Shetty Award Statement) नहीं है। उनके मुताबिक 1950 के दशक से ही साउथ के प्रोडक्शन हाउसेस हिंदी सिनेमा में काम करते आ रहे हैं और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के निर्देशक साउथ में फिल्में बनाते रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एल.वी. प्रसाद जैसे दिग्गज निर्देशकों ने कई हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया है और 70 के दशक में Amitabh Bachchan की कई फिल्मों के रीमेक साउथ में बने।
रोहित शेट्टी ने आगे कहा कि सोशल मीडिया के दौर में दुनिया बहुत छोटी हो गई है। आज हर राज्य का बच्चा जानता है कि कौन सा अभिनेता किस इंडस्ट्री से है। अब समय आ गया है कि भारतीय सिनेमा एकजुट होकर ऐसा कंटेंट बनाए, जिसे ग्लोबल पहचान मिले। जब हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएंगे, तो यह नहीं पूछा जाएगा कि कलाकार या निर्देशक किस राज्य से है, बल्कि बस यही कहा जाएगा कि वह भारतीय है।


