सीजी भास्कर, 09 जनवरी। धान उपार्जन को लेकर लंबे समय से किसानों की सबसे बड़ी चिंता पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान को लेकर रहती थी, लेकिन इस खरीफ सीजन में सरगुजा जिले में अपनाई (Paddy Procurement System) गई सुव्यवस्थित धान खरीदी प्रणाली किसानों के लिए राहत का कारण बनती जा रही है। सरल प्रक्रिया, समय पर टोकन और केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा दोबारा मजबूत किया है।
बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत ललाती निवासी लघु किसान निर्मल भगत ने धान खरीदी व्यवस्था को व्यवहारिक और किसान हितैषी बताया। उनका कहना है कि इस वर्ष अच्छी वर्षा के चलते फसल उत्पादन बेहतर हुआ और सरकारी व्यवस्था ने मेहनत का पूरा मूल्य दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उत्पादन से विक्रय तक बिना बाधा
निर्मल भगत ने करीब साढ़े चार एकड़ भूमि में धान की खेती की, जिससे 82.80 क्विंटल धान का उत्पादन (Paddy Procurement System) हुआ। उन्होंने बताया कि समिति के माध्यम से समय पर टोकन कट गया और पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की भागदौड़ या असमंजस नहीं रहा। टोकन व्यवस्था से किसानों को केंद्र में अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।
केंद्र पर सुविधाओं ने बढ़ाया भरोसा
बोदा धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण तुरंत किया गया और बारदाना भी समय पर उपलब्ध करा दिया गया। इससे धान तौल और विक्रय की प्रक्रिया बिना रुकावट पूरी हुई। केंद्र पर किसानों के लिए पेयजल, छाया और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी, वहीं समिति के कर्मचारियों ने पूरे समय सहयोगात्मक रवैया अपनाया।
उचित समर्थन मूल्य से सीधा लाभ
किसान निर्मल भगत ने बताया कि राज्य शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जो किसानों के लिए बड़ी राहत है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी किए जाने से छोटे किसानों को भी अपनी पूरी उपज बेचने का अवसर मिला है।उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष धान से प्राप्त आय के सहारे गेहूं, तिलहन और सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती कर अतिरिक्त आमदनी भी हुई।
आर्थिक मजबूती की ओर कदम
निर्मल भगत का मानना है कि पारदर्शी खरीदी व्यवस्था और बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत (Paddy Procurement System) हो रही है। उन्होंने इस व्यवस्था को सराहनीय बताते हुए विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू किसान हितैषी नीतियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


