सीजी भास्कर, 13 जनवरी। सर्दी का मौसम डायबिटीज मरीजों के लिए अतिरिक्त सावधानी की मांग करता है। इस मौसम में अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि ठंड में शरीर ज्यादा एनर्जी (AIIMS Doctor Advice) खर्च करता है, इसलिए खानपान और दवाओं में थोड़ी ढील दी जा सकती है, लेकिन यही सोच शुगर लेवल को खतरनाक स्तर तक पहुंचा सकती है।
एम्स दिल्ली के एंडोक्रोनोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत ने सर्दियों में डायबिटीज मरीजों को लेकर खास चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि ठंड के मौसम में ब्लड शुगर बढ़ने का जोखिम सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा होता है।
सर्दी में क्यों बढ़ता है ब्लड शुगर?
डॉ. राजेश खड़गावत के अनुसार, ठंड में शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, लोग घर से बाहर निकलना टालते हैं और खानपान में तला-भुना व मीठा ज्यादा शामिल हो जाता है। इन सभी कारणों से शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे शुगर लेवल असंतुलित हो सकता है।
कितनी बार करें शुगर टेस्ट?
डायबिटीज मरीजों को हफ्ते में कम से कम 2 से 3 बार फास्टिंग और खाने के बाद (PP) ब्लड शुगर की जांच (AIIMS Doctor Advice) जरूर करनी चाहिए, ताकि किसी भी बदलाव को समय रहते पकड़ा जा सके।
घर में रहकर भी करें एक्सरसाइज
ठंड की वजह से वॉक या आउटडोर एक्सरसाइज न हो पाने की स्थिति में मरीज घर के अंदर ही हल्की फिजिकल एक्टिविटी कर सकते हैं।
डॉ. खड़गावत के मुताबिक, स्ट्रेचिंग, योग, हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या 15–20 मिनट की फ्री मूवमेंट भी शुगर कंट्रोल में कारगर साबित होती है।
मीठा और तली-भुनी चीजें बन सकती हैं खतरा
सर्दियों में मिठाइयों और हाई-कैलोरी फूड की क्रेविंग बढ़ जाती है, लेकिन डायबिटीज मरीजों के लिए यह सबसे बड़ा ट्रैप है। मीठा, फास्ट फूड और ज्यादा तली-भुनी चीजें अचानक शुगर स्पाइक कर सकती हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि डाइट में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर चीजें शामिल करें और ऐसे फूड से बचें जो शुगर को तेजी से बढ़ा दें।
पानी कम पीना न बनाएं आदत
ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत उतनी ही रहती है। दिन में 7–8 गिलास गुनगुना (AIIMS Doctor Advice) पानी पीने की कोशिश करें। चाहें तो ग्रीन टी जैसे विकल्प भी ले सकते हैं।
दवाइयों से खुद न करें छेड़छाड़
कई मरीज ठंड में यह सोचकर दवाइयां कम या बंद कर देते हैं कि शुगर कंट्रोल में है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदत बेहद खतरनाक हो सकती है।
डॉ. राजेश खड़गावत का कहना है कि बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के दवा या डोज में बदलाव करने से शुगर अचानक अनियंत्रित हो सकती है, जिससे गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
सतर्कता ही सबसे बड़ा इलाज
डायबिटीज पूरी तरह लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है। सर्दी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी लंबे समय के नुकसान (AIIMS Doctor Advice) का कारण बन सकती है। नियमित जांच, संतुलित खानपान, हल्की एक्सरसाइज और दवाओं का सही पालन ही सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर तरीका है।


