सीजी भास्कर, 14 जनवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा रिसाली के मैत्री कुंज स्थित प्रभु प्राप्ति भवन में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए मन की शक्ति से विजय कार्यक्रम (Man Ki Shakti Se Vijay Program) का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने विद्यार्थियों को जीवन और परीक्षा से जुड़ी गहरी सीख दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आशा दीदी ने कहा कि हर विषय के लिए विशेषज्ञ शिक्षक होते हैं, वे कितना भी अच्छा पढ़ा दें, महत्वपूर्ण प्रश्न भी बता दें, लेकिन परीक्षा के तीन घंटे विद्यार्थियों को अकेले ही देने होते हैं। उस समय केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि मन की शक्ति, स्मृति और एकाग्रता ही सफलता का आधार बनती है।
उन्होंने कहा कि जैसे परीक्षा में मन को शांत रखकर लिखना जरूरी है, वैसे ही जीवन की हर परिस्थिति रूपी परीक्षा में भी मन का स्थिर और संतुलित रहना आवश्यक है। जीवन की परीक्षा भी कोई और नहीं, बल्कि हमें स्वयं ही देनी होती है।
मन की शक्ति से ही जीवन में विजय संभव
मन की शक्ति से विजय कार्यक्रम (Man Ki Shakti Se Vijay Program) के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि अपनी श्रेष्ठ तकदीर की स्मृति में रहकर समर्थ स्वरूप का अभ्यास करें। सीखो, पढ़ो और जीवन में उसे सही तरीके से लागू करो यही सफलता की कुंजी है।
आशा दीदी ने संतुष्टता की शक्ति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जीवन में सदा संतुष्ट रहना सीखें। माता-पिता से महंगे मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर की अनावश्यक मांग न करें। जहाँ संतुष्टता होती है, वहाँ किसी भी चीज़ की कमी नहीं रहती। संतुष्ट व्यक्ति परिस्थितियों पर हमेशा विजयी रहता है।
मीठे बोल और सकारात्मक दृष्टि भी सफलता का साधन
उन्होंने कहा कि हमारे मुख से ऐसे शब्द निकलें जैसे फूलों की वर्षा हो रही हो। मीठे बोल, मुस्कराता चेहरा, सकारात्मक वृत्ति, शुद्ध दृष्टि और मधुर संबंध ये सभी जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के महत्वपूर्ण साधन हैं। आशा दीदी ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति स्वयं का स्वयं ही शिक्षक बन जाए, तो उसकी कमजोरियाँ स्वतः ही समाप्त होने लगती हैं।
मानसिक, नैतिक और बौद्धिक विकास पर केंद्रित कार्यक्रम
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास के साथ-साथ उन्हें परीक्षा के तनाव से मुक्त कर जीवन में सफलता की सही दिशा देना रहा। मन की शक्ति से विजय कार्यक्रम (Man Ki Shakti Se Vijay Program) के जरिए विद्यार्थियों को यह सिखाया गया कि शांत मन, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन ही वास्तविक विजय का आधार है।


