सीजी भास्कर, 14 जनवरी। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बालोद प्रवास के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 पर निर्माणाधीन देवरानी जेठानी पुल (Devarani Jethani Bridge Inspection) का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल निर्माण की प्रगति, तकनीकी गुणवत्ता और उपयोग में लाई जा रही सामग्री की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के समय निर्माण कार्य में पाई गई अनियमितताओं और ऊबड़-खाबड़ सतह को देखकर उपमुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद अधिकारियों व ठेकेदार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुल को पूरी तरह समतल और सुरक्षित बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने पाया कि पुल का निर्माण अपेक्षित मानकों के अनुरूप चिकना और समतल नहीं है, जिससे भविष्य में यातायात प्रभावित हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुल की सतह को पूरी तरह समतल और चिकना किया जाए, ताकि भारी और सामान्य दोनों प्रकार के वाहनों की आवाजाही सुरक्षित और सुगम बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने सड़क स्तर से पुल की ऊंचाई के जोड़ पर उपयोग किए जा रहे भराव पदार्थ की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा और निर्माण कार्य को तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
पुराने मार्ग के बंद होने पर नए मार्ग की गुणवत्ता पर जोर
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को आगाह किया कि पुराने मार्ग के बंद होने की स्थिति में नए मार्ग की समतलीकरण गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में घटिया सामग्री का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा और निर्माण कार्य दीर्घकालिक मजबूती को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
ठेकेदार को फटकार, स्तरहीन कार्य पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत क्षेत्र के सरपंच राजेंद्र साहू से भी निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी ली गई। मौके पर ठेकेदार के कर्मचारी, इंजीनियर और मुंशी भी उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री ने पुल के जॉइंट और जुदाई कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उसे मानक अनुरूप और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के निर्देश दिए। स्तरहीन कार्य को देखकर उन्होंने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई और दो टूक शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माण पर सख्त निर्देश
उपमुख्यमंत्री अरुण साव (Devarani Jethani Bridge Inspection) ने स्पष्ट किया कि देवरानी जेठानी पुल का निर्माण राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए और कहा कि भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह निरीक्षण क्षेत्र में चल रही प्रमुख सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को सुरक्षित, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।




