सीजी भास्कर, 16 जनवरी। One Rupee Dialysis Service की शुरुआत के साथ वैशाली नगर विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर महाशिवरात्रि के दिन से एक और नया अध्याय जुड़ गया है।
मकर संक्रांति के दिन 1 रुपये में एक्स-रे सेवा शुरू करने के बाद विधायक रिकेश सेन ने अब महाशिवरात्रि के दिन 15 फरवरी से जरूरतमंदों के लिए मात्र 1 रुपये में डायलिसिस सेवा की भी घोषणा कर दी है। इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी और राहत का माहौल देखा गया।
One Rupee Dialysis Service के तहत रोज़ 5 मरीजों को मिलेगा लाभ
विधायक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार One Rupee Dialysis Service in Vaishali Nagar के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में 15 फरवरी से प्रतिदिन अधिकतम 5 जरूरतमंद मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए लाभार्थियों को विधायक कार्यालय, जीरो रोड शांति नगर में संपर्क करना होगा, जहां से टोकन जारी किया जाएगा।
महंगे इलाज का बोझ होगा कम: One Rupee Dialysis Service की जरूरत क्यों थी
निजी अस्पतालों में डायलिसिस का खर्च प्रति सत्र 3 से 4 हजार रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं मासिक खर्च 12 से 20 हजार रुपये तक हो सकता है। One Rupee Dialysis Service ऐसे परिवारों के लिए राहत बनकर आई है, जिनके लिए किडनी रोग का इलाज आर्थिक रूप से बेहद कठिन हो जाता है। यह पहल स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक संतुलन की दिशा में भी अहम मानी जा रही है।
विधायक रिकेश सेन बोले: स्वास्थ्य सेवा सबसे बड़ी प्राथमिकता
इस अवसर पर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि किडनी फेलियर की स्थिति में डायलिसिस जीवन रक्षक प्रक्रिया होती है। ऐसे समय में इलाज के अभाव में किसी की जान न जाए, यही उद्देश्य लेकर One Rupee Dialysis Service शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 2 लाख से अधिक आबादी वाली वैशाली नगर विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को सहज और सुलभ बनाना उनका निरंतर प्रयास है।
फ्री ब्लड टेस्ट से लेकर One Rupee Dialysis Service तक विस्तार
वर्तमान में वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में ब्लड सैंपल से 31 प्रकार के फ्री टेस्ट, 1 रुपये में एक्स-रे और अब One Rupee Dialysis Service उपलब्ध है। यह सभी सेवाएं विधायक कार्यालय के माध्यम से समन्वय कर निजी अस्पतालों से अनुबंध के आधार पर संचालित की जा रही हैं, जिससे जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके।
डायलिसिस क्या है और क्यों जरूरी : आम भाषा में समझिए
डायलिसिस वह प्रक्रिया है जिसमें किडनी के ठीक से काम न करने पर शरीर से गंदगी और अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकाले जाते हैं। यह दो प्रकार से की जाती है— हीमोडायलिसिस, जिसमें मशीन के जरिए खून साफ किया जाता है, और पेरिटोनियल डायलिसिस, जिसमें पेट की झिल्ली का उपयोग होता है। One Rupee Dialysis Service के तहत प्राथमिक रूप से हीमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वैशाली नगर में स्वास्थ्य मॉडल बन रही One Rupee Dialysis Service
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि One Rupee Dialysis Service सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए जीवन की डोर है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज टालने वाले मरीजों के लिए यह सेवा उम्मीद बनकर सामने आई है और आने वाले समय में इसे एक मॉडल हेल्थ इनिशिएटिव के रूप में देखा जा रहा है।


