सीजी भास्कर, 16 जनवरी | संभाग आयुक्त सुनील जैन और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गुरुवार को कोनी स्थित Half Way Home Mental Rehabilitation केंद्र का औचक निरीक्षण किया। यह संस्था राज्य मानसिक चिकित्सालय से उपचार के बाद स्वस्थ हुए मरीजों को संक्रमण कालीन संरक्षण प्रदान करती है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सुरक्षित रूप से लौट सकें।
145 लोगों को मिल रहा सुरक्षित संरक्षण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि वर्तमान में संस्था में महिला और पुरुष मिलाकर कुल 145 लोग निवासरत हैं। यहां रहने वाले सभी संरक्षित व्यक्तियों को मानसिक स्थिरता के साथ-साथ दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे Transitional Care Center के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
आत्मनिर्भरता पर केंद्रित कार्यप्रणाली
संस्था द्वारा संरक्षित लोगों को सिलाई, हस्तकला, बागवानी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल देखभाल तक सीमित न रहकर Skill Development for Patients के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे भविष्य में स्वतंत्र जीवन जी सकें।
अब तक 795 मरीजों का पुनर्वास
संस्था की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 795 मानसिक रोगियों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है। यह कार्य Mental Health Rehabilitation के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है। संस्था का संचालन मां डिण्डेश्वरी शिक्षा समिति द्वारा किया जा रहा है।
मानवीय सेवा का सशक्त मॉडल
निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने आवास, भोजन, चिकित्सा और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की संस्थाएं मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानवीय सेवा का मजबूत उदाहरण हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


